प्रदेश कांग्रेस में प्रधानगी की जंग तेज होती जा रही है। पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह समर्थकों ने प्रदेश प्रधान प्रताप बाजवा के इस्तीफेकी मांग की थी। वीरवार को बाजवा गुट ने भी पलटवार किया।
बाजवा द्वारा गठित प्रदेश कांग्रेस अनुशासनात्मक कमेटी ने कैप्टन गुट के दो विधायकों राणा गुरमीत सोढी और केवल ढिल्लों को शोकॉज नोटिस जारी कर दिए हैं। इन्हीं दोनों विधायकों ने बाजवा के खिलाफ मुहिम की कमान संभाल रखी थी। जिसमें 24 विधायकों और अन्य नेताओं ने बाजवा का इस्तीफा मांगा था।
अनुशासनात्मक कमेटी के चेयरमैन जीके चतरथ ने बताया कि गुरु हरसहाय के विधायक राणा गुरमीत सोढी और बरनाला के विधायक केवल ढिल्लों को नोटिस भेजकर दस दिनों में जवाब देने के लिए कहा गया है। इन विधायकों ने मीडिया में जाकर सार्वजनिक तौर पर प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ बोला। प्रदेश प्रधान बाजवा का इस्तीफा मांगा। जबकि, इन्हें पार्टी प्लेटफार्म पर अपनी बात रखनी चाहिए थी।
इसकेसाथ ही कमेटी ने यह भी आरोप लगाया है कि दोनों विधायक अपने हलकों से गैर हाजिर रहे। जिसकेचलते फिरोजपुर में सुनील जाखड़ की हार हुई, संगरूर में विजय इंदर सिंगला तीसरे स्थान पर रहे। सोढी और ढिल्लों केसाथ बाजवा का इस्तीफा मांगने वाले दूसरे नेताओं पर कार्रवाई केसवाल पर चतरथ ने कहा कि उसकी पड़ताल की जा रही है। कमेटी के ध्यान में आया है कि कई लोगों ने उस पत्र पर दस्तखत नहीं किए थे, उनका नाम भी शामिल कर लिया गया। पत्र ने जिन नेताओं के नाम थे, उन सभी से पूछा जाएगा। उसकेबाद कार्रवाई की जाएगी।
कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा बाजवा का इस्तीफा मांगे जाने पर चतरथ बोले कि कैप्टन सीडब्ल्यूसी मेंबर हैं, उनके मामले में हाईकमान ही विचार करेगा। कमेटी को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि कैप्टन की वजह से किसी कैंडिडेट की हार हुई। चतरथ ने बाजवा का बचाव करते हुए कहा कि सारे देश में पार्टी की यही हालत हुई है। पंजाब में भी नशों का मुद्दा उठा कर कांग्रेस ने लोक लहर बनाई थी। पर फायदा आम आदमी पार्टी ले गई।
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पीसीसी मीटिंग क्यों नहीं बुलाते बाजवा : सोढी
राणा गुरमीत सोढी ने कहा कि उन्होंने कोई गलत मांग नहीं की है। देश भर में पार्टी हारी पर प्रेसिडेंट सोनिया गांधी ने सीडब्ल्यूसी मीटिंग बुलाई, इस्तीफेकी पेशकश की।
प्रताप बाजवा ने हार पर मंथन के लिए पीसीसी की मीटिंग तक नहीं बुलाई। बाजवा को डर था कि मीटिंग में उनकी धज्जियां उड़ेंगी। ऐसे में किसी न किसी प्लेटफार्म पर तो लोगों को अपनी बात रखनी ही थी। ये सारी बातें पार्टी हाईकमान केसामने राणा सोढी ने हलके से गैर हाजिर रहने केआरोप को भी गलत बताया।
शकील से मिले कैप्टन
चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने वीरवार को पंजाब प्रभारी शकील अहमद से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, कैप्टन ने उन्हें पंजाब कांग्रेस केमौजूदा हालातों केबारे में बताया। साथ ही कहा कि प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा को सूबे में पार्टी की हार और अपनी हार पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।
उधर, शकील ने मुलाकात की पुष्टि की। पर प्रदेश कांग्रेस में पुनर्गठन पर चर्चा से इंकार किया। शकील ने कहा कि उन्होंने कैप्टन को बधाई दी कि बुरे समय में उन्होंने पार्टी को खुशखबरी दी।
गौरतलब है कि कैप्टन गुट के विधायक तो पहले ही बाजवा के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। बुधवार को कैप्टन ने भी कहा था कि बाजवा को इस्तीफा देना चाहिए।