पावरकॉम ने सभी घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को दो माह के लिए 600 यूनिट की दर से मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की अधिसूचना जारी कर दी है। योजना में किसी नए वर्ग को लाभार्थी के रूप में नहीं जोड़ा गया है, लेकिन पहले से तय कुछ लाभार्थियों को मुफ्त बिजली का लाभ लेने के लिए अब स्व:घोषणा पत्र देना होगा, जिसमें उन्हें अपनी आय के स्रोतों के अलावा आयकर संबंधी विवरण भी देना होगा। हालांकि आयकर की जानकारी 2020 से राज्य के एससी-बीसी व बीपीएल वर्ग के लिए लागू 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के लिए भी देनी अनिवार्य रही है।
घरेलू सप्लाई के शेड्यूल आफ टैरिफ के तहत बाकी सभी उपभोक्ताओं, जिनमें सरकारी अस्पताल, सरकारी डिस्पेंसरियां, सभी पूजा स्थल, सरकारी खेल संस्थाएं, सैनिक रेस्ट हाउस, सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त शैक्षिक संस्थान और अटैच्ड हॉस्टलों को मुफ्त बिजली योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार ने घरेलू उपभोक्ता, जो केवल रिहायशी उपयोग के लिए बिजली का इस्तेमाल करेंगे, के लिए ही मुफ्त बिजली देने का फैसला किया गया है।
एससी, बीसी, गैर एससी/बीसी, बीपीएल और पंजाब के स्वतंत्रता सेनानी व उनके वारिसों को 600 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने पर केवल ज्यादा खर्च किए यूनिटों पर लागू ऊर्जा चार्ज सहित फिक्स्ड चार्ज, मीटर किराया व सरकारी लेवी/टैक्स देना होगा, क्योंकि मुफ्त बिजली के टैरिफ शुरुआती स्लैब से संबंधित हैं, इसलिए मुफ्त यूनिट से अधिक बिजली की खपत का बिल 300 यूनिट प्रति माह से आगे के टैरिफ स्लैब पर लागू दरों के अनुसार तय होगा। इसके अलावा, ऐसे लाभार्थी जिन्हें 600 से ज्यादा यूनिट खर्च करने पर बाकी यूनिटों का बिल अदा करना होगा, उनमें अगर किसी खपतकार की दो माह की बिजली खपत 750 यूनिट है तो उसे 750 में से 600 यूनिट घटाकर 150 यूनिट के लिए लागू टैरिफ की दरों के अनुसार सभी चार्ज के साथ बिल अदा करना होगा। इसी तरह बाकी सभी घरेलू खपतकारों की बिजली खपत भी अगर मुफ्त यूनिटों से ज्यादा होती है तो उन्हें पूरा बिल भरना होगा।
पावरकॉम की ओर से जारी पत्र के अनुसार मुफ्त बिजली की दरों की पूर्ति पंजाब सरकार की ओर से पीएसपीसीएल को सब्सिडी के रूप में की जाएगी। इस योजना को सुचारु रूप से लागू करने के लिए पंजाब सरकार से ऐसी सब्सिडी हासिल करने के लिए रूपरेखा प्रमुख इंजीनियर (आईटी), मुख्य लेखा अफसर (राजस्व) और वित्त सलाहकार (पीएसपीसीएल) द्वारा तैयार की जाएगी।