पंजाब में विभिन्न थर्मल प्लांटों के छह यूनिट बंद पड़ने से 2650 मेगावाट बिजली उत्पादन कम हो रहा है। इनमें से चार यूनिट तकनीकी खराबी व मरम्मत के चलते बंद हैं, जबकि दो यूनिट सोमवार शाम को ब्वायलर ट्यूब में लीकेज के चलते बंद हो गए। इनमें तलवंडी साबो प्लांट की 660 मेगावाट की एक यूनिट व रोपड़ प्लांट की 210 मेगावाट की यूनिट शामिल हैं।
इस समय पावरकॉम के रोपड़ प्लांट की 210-210 मेगावाट की दो यूनिटें, लहरा मुहब्बत की 210 मेगावाट की एक यूनिट, राजपुरा थर्मल की 700 मेगावाट की एक यूनिट और तलवंडी साबो प्लांट की 660-660 मेगावाट की दो यूनिटें बंद पड़ी हैं।
पंजाब में मंगलवार को बिजली की अधिकतम मांग 8047 मेगावाट रही, जबकि पावरकॉम के पास विभिन्न स्रोतों से बिजली की उपलब्धता 3483 मेगावाट रही। इनमें पावरकॉम को खासतौर से सरकारी थर्मलों से 928 मेगावाट, प्राइवेट थर्मलों से 1799 मेगावाट बिजली और हाइडल प्रोजेक्टों से 473 मेगावाट बिजली हासिल हुई। ऐसे में पावरकॉम को बिजली की मांग को पूरा करने के लिए बाहर से बिजली लेनी पड़ी। पावरकॉम को बढ़ी मांग के चलते लगातार बाहर से बिजली खरीदनी पड़ रही है।