आगे कहा कि पंजाब की कैप्टन सरकार जनता साथ घर-घर नौकरी देने का वादा करके सत्ता में आई थी। लेकिन इसके विपरीत पावरकॉम मैनेजमेंट व सरकार की ओर से पुनर्गठन के नाम पर मुलाजिमों के मंजूरशुदा पद खत्म कर दिए गए हैं। यह कर्मचारी हितों का हनन है, जिसे किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। मांग की है कि खाली पड़े पदों पर रेगुलर भर्ती नौजवानों को रोजगार दिया जाए।
जालंधर में मजदूरों को लौटाना पड़ा
जालंधर में इंडस्ट्री संचालकों को बिजली की वीकली ऑफ की जानकारी गुरुवार सुबह नौ बजे के लगभग मिली। सुबह नौ बजे तक इंडस्ट्रीज में सैकड़ों की संख्या में मजदूर आ चुके थे और लोहे की ढलाई का काम करने वाली इकाइयों में फर्नेस में माल भी डाला जा चुका था।
वीकली ऑफ रखने के फरमान के साथ चेतावनी भी दी गई कि जो इंडस्ट्री आगामी 24 घंटे वीकली ऑफ नहीं करेगी और उत्पादन करती पाई जाएगी तो पावरकॉम का फ्लाइंग स्क्वायड संबंधित इंडस्ट्री का कनेक्शन काट देगा। इस संबंध में उद्योगपतियों का कहना है कि अगर बिजली का बिल एसएमएस और ईमेल से आ सकते हैं तो वीकली ऑफ की जानकारी भी समय रहते दी जा सकती थी। मीडिया के जरिये इंडस्ट्री को सूचित किया जा सकता था। एकदम से वीकली ऑफ करने से भारी नुकसान उठाना पड़ा है। दूर-दूर से आए मजदूरों को वापस भेजनी पड़ा।