उन्होंने कहा कि फिलहाल पांच जुलाई तक डॉक्टर रोजाना सुबह 8 बजे से 11 बजे तक हड़ताल करेंगे। आगे के संघर्ष की रूपरेखा मीटिंग करके तय की जाएगी। उधर, राजिंदरा व मेडिकल कॉलेज के कांट्रैक्ट और आउटसोर्स मुलाजिम भी गुरुवार को रेगुलर करने की मांग को लेकर बेमियादी काम छोड़ हड़ताल पर चले गए।
बठिंडा: डॉक्टरों ने पंजाब सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
पंजाब सरकार की तरफ से जुलाई माह से लागू किए जा रहे छठे वेतन आयोग के तहत डॉक्टरों के वेतन में बढ़ोतरी के बजाय उसे कम किए जाने के विरोध में गुरुवार को पंजाब सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के बैनर तले डॉक्टरों ने राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर माल रोड पर स्थित एसी मार्केट चौक पर रोष प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके अलावा डॉक्टरों ने सिविल अस्पताल में धरनास्थल पर डॉक्टर के भेष में पुतला टांगकर उसे फंदा लगाया।
एसोसिएशन के जिला प्रधान गुरमेल सिंह की अगुवाई में किए गए पुतला फूंक प्रदर्शन के बाद डॉक्टर गुरमेल ने बताया कि वेतन आयोग में एनपीए को 25 से 20 प्रतिशत कर दिया गया। इससे डॉक्टरों का वेतन कम हो जाएगा। इसके अलावा पेंशन व अन्य भत्तों में भी कटौती हो जाएगी। यह कोरोना वारियर्स के साथ बेहूदा मजाक है। एसोसिएशन इसका कड़ा विरोध करती है। डॉक्टर गुरमेल सिंह ने मांग की है कि सरकार अपने 6वें वेतन आयोग की रिपोर्ट से एनपीए के बारे में की गई सिफारिश को वापस ले।
सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले डॉक्टर का तबादला
छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट के खिलाफ संघर्षरत पीएमएसए के अध्यक्ष व मेडिकल अधिकारी डॉक्टर गुरमेल सिंह का गुरुवार को बठिंडा से फाजिल्का के गांव पंज कोसी के पीएचसी में तबादला कर दिया है। डॉ. गुरमेल सिंह के नेतृत्व में डॉक्टर कई दिनों से संघर्षरत है। सूत्रों का कहना है कि सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने बदले डॉक्टर गुरमेल पर गाज गिरी है। गुरुवार को स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव हुसन लाल ने तबादला आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार तबादला पंजाब सरकार के स्वास्थ्य मंत्री की मंजूरी के बाद किया गया।
अमृतसर: चिकित्सक दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया
अमृतसर में डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ ने गुरुवार को एक दिन की ओपीडी बंद रखी। पीसीएमएस, बीडीएस, वैटरनरी डॉक्टरों, पैरा मेडिकल स्टाफ और नर्सिंग स्टाफ ने सिविल अस्पताल में छठे वेतन आयोग की शर्तों के खिलाफ पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन डॉ. राकेश शर्मा ने कहा कि गुरुवार को एक दिन की ओपीडी सेवाएं बंद रखी गईं, जबकि 2 और 3 जुलाई को भी डॉक्टर और स्वास्थ्य विभाग के अन्य स्टाफ पूर्ण हड़ताल करेंगे। सरकार ने डॉक्टरों का एनपीए 25 से 20 फीसदी कर उसे बेसिक वेतन से हटा कर डॉक्टरों को भी सड़कों पर आने के लिए मजबूर कर दिया।