भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार पंजाब के सीनियर आईएएस संजय पोपली के 27 वर्षीय बेटे कार्तिक पोपली के शव का पोस्टमार्टम सोमवार को पीजीआई में होगा। यूटी पुलिस ने विवादों से बचने के लिए यह कदम उठाया है। वहीं आईएएस संजय पोपली को बेटे के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भी परिवार अदालत में याचिका लगाएगा। फिलहाल कार्तिक का शव को जीएमएसएच-16 की मोर्चरी में रखा गया है।
रविवार होने की वजह से पोस्टमार्टम नहीं हो सका। पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है और पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई प्रबंधन को लिख दिया है। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम करा दिया जाएगा। - कुलदीप चहल, एसएसपी, यूटी
संजय पोपली को जीएमसीएच 32 से छुट्टी दे दी गई है। डॉक्टरों ने उसे बीपी, हाइपरटेंशन, थायराइड और नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर संबंधी दवाइयां दी हैं। वहीं रिपोर्ट के अनुसार संजय पोपली ने बेचैनी और छाती में दर्द की शिकायत की थी। इससे पहले शनिवार की देर शाम उसे जीएमसीएच 32 की इमरजेंसी में लाया गया था। जहां साढ़े 4 घंटे तक चले परीक्षण के बाद उसे मेडिसिन इमरजेंसी के बेड नंबर 6 पर भर्ती किया गया था। डॉक्टरों के अनुसार उसे 8 साल से बीपी और हाइपरटेंशन की शिकायत है। वहीं वह 2 साल से थायराइड से ग्रस्त है। इसके अलावा उसे लिवर से जुड़ी परेशानी की भी आशंका जताई जा रही है। जिसमें डिस्लिपिडेमिया और नॉन अल्कोहलिक फैटी लीवर शामिल हो सकता है।
शनिवार को घटना के वक्त पंजाब विजिलेंस की टीम मौजूद थी। वह पोपली को लेकर चंडीगढ़ सेक्टर 11 स्थित कोठी नंबर 520 में जांच के लिए पहुंची थी। पोपली की पत्नी और कार्तिक की मां ने आरोप लगाया था कि पूछताछ के दौरान विजिलेंस टीम कार्तिक को प्रताड़ित कर रही थी। जब वह अपनी बात पर अड़ा रहा तो विजिलेंस टीम ने उसे गोली मार दी। कार्तिक के पिता संजय पोपली ने कहा- मेरे सामने मेरा बेटा मारा गया। मैं अपने बेटे की मौत का चश्मदीद गवाह हूं।
घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे चंडीगढ़ पुलिस के एसएसपी कुलदीप चहल ने कहा था कि पूछताछ और जांच के लिए संजय पोपली को उनके घर ले जाया गया था। विजिलेंस टीम नीचे छानबीन कर रही थी। इस बीच कार्तिक ने ऊपर वाले कमरे में लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मार ली। वहीं पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने इसके उलट बयान देते हुए कहा- जांच के बाद उनकी टीम लौट आई थी। उसके बाद कार्तिक ने खुद को गोली मारी है। चंडीगढ़ पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। जांच में ही पता चलेगा कि कार्तिक ने आत्महत्या क्यों की।
बेटे की मौत के बाद संजय पोपली की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें चंडीगढ़ के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। शनिवार को रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें मोहाली की अदालत में पेश करना था। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने 21 जून को पोपली को नवांशहर में सीवरेज पाइप लाइन बिछाने के टेंडर की मंजूरी देने के लिए एक प्रतिशत कमीशन की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। कार्तिक वकालत करने के बाद प्रशासनिक और न्यायिक परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।
कार्तिक की मां श्री का आरोप है कि दोपहर में जब विजिलेंस की टीम संजय को लेकर घर पहुंची तो उन्हें और घर के 80 वर्षीय बुजुर्ग समेत अन्य सदस्यों को बाहर निकाल दिया गया। कार्तिक, संजय और विजिलेंस की टीम ऊपर ही थी। दोनों के बीच बहस हो रही थी। जब वह ऊपर कमरे में देखने गईं तो विजिलेंस टीम के एक सदस्य ने उनके बेटे की कनपटी पर पिस्टल तान रखी थी। उन्होंने संजय को पुकारा तो पुलिस ने उन्हें धक्का देकर बाहर निकाल दिया। इस बीच अंदर कमरे में गोली चलने की आवाज आई। ऊपर जाकर देखा तो कार्तिक खून से लथपथ पड़ा था।