31 तक लागू रहेगी तीन फीसदी अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी की छूट
पंजाब निवासियों को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने शहरी इलाकों (नगर निगम और क्लास-1 नगर परिषदों) में 31 दिसंबर तक संपत्तियों की रजिस्ट्रेशन पर दी जा रही तीन प्रतिशत अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी (सामाजिक सुरक्षा फंड) की छूट 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है। कैबिनेट ने भारतीय स्टांप एक्ट-1899 की धारा 3 सी और शेड्यूल 1 बी, जोकि भारतीय स्टांप एक्ट 1899 के अधीन वसूलने योग्य है को खत्म करने की भी मंजूरी दे दी, जिससे शहरी इलाकों (नगर निगम और क्लास-1 नगर परिषदों) में जमीन खरीदने वालों को छूट मिलेगी।
बिना अनुमति बनी एकल इमारतें नियमित करने को मंजूरी
हाल ही में आयोजित ‘सरकार-उद्योगपति मिलनी’ के दौरान उद्योगपतियों से किए वादे के मुताबिक पंजाब कैबिनेट ने मौजूदा स्टैंडलोन (एकल) इमारतों को नियमित करने की नीति को हरी झंडी दे दी है। यह फैसला म्यूनिसिपल सीमा, अर्बन इस्टेट और औद्योगिक फोकल प्वाइंट से बाहर बिना मंजूरी के बनाईं स्टैंडलोन इमारतों पर लागू होगा। इनमें होटल, मल्टीप्लेक्स, फॉर्म हाउस, शिक्षा, मेडिकल और औद्योगिक संस्थाएं व अन्य इमारतें शामिल हैं।
इस नीति के अनुसार अब तक बिना मंजूरी बनाईं गई स्टैंडलोन इमारतों को नियमित करवाने के लिए 31 दिसंबर तक आवेदन करने का मौका दिया जाएगा। इस नीति के तहत इमारत के उद्देश्य के अनुसार अपेक्षित अलग-अलग सीएलयू, ईडीसी, एसआईएफ, रेगुलराइजेशन फीस, प्रोसेसिंग फीस और माइनिंग चार्ज (जो भी लागू हों), जमा करवाने के मौके पर संबंधित दस्तावेज जमा करवाकर इस नीति का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इस नीति के अनुसार प्राप्त होने वाले मामलों का निपटारा छह महीनों के अंदर किया जाएगा।
दो उम्रकैदियों की अग्रिम रिहाई के केस भेजने की मंजूरी
कैबिनेट ने राज्य की जेलों में उम्रकैद की सजा भुगत रहे दो कैदियों की अग्रिम रिहाई के केस भेजने की सहमति दे दी है। कैबिनेट की इस मंजूरी के बाद अग्रिम रिहाई केस भारतीय संविधान की धारा 161 के तहत विचार के लिए पंजाब के राज्यपाल को भेजे जाएंगे।
पीजीएसटी (संशोधन) बिल- 2023 के प्रस्ताव को मंजूरी
कैबिनेट ने पंजाब गुड्स एंड सर्विस टैक्स (संशोधन) बिल- 2023 को पेश करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इससे जीएसटी काउंसिल के आदेश के मुताबिक पीजीएसटी में जरूरी संशोधन किए जाएंगे। करदाताओं की सुविधा और कारोबार को आसान बनाने के लिए पंजाब जीएसटी एक्ट- 2017 में कुछ संशोधन करने का प्रस्ताव है। इनमें जीएसटी अपील ट्रिब्यूनल और इसके राज्य बेंचों का गठन, कुछ अपराधों को गैर-आपराधिक बनाना, छोटे व्यापारियों को ई-कामर्स ऑपरेटरों की तरफ से माल की सप्लाई करने की सुविधा, जानकारी की सहमति आधारित शेयरिंग और ऑनलाइन गेमिंग और टैक्स के लिए कानूनी व्यवस्थाएं आदि शामिल हैं।