कैप्टन अमरिंदर सिंह अगर भाजपा में आते हैं तो वे अकेले नहीं आएंगे, अपने साथ टीम लाएंगे। फिर सांसद मनीष तिवारी व कैप्टन के बीच की दोस्ती किसी से छिपी नहीं है। कैप्टन मनीष तिवारी की हर कदम पर वकालत करते हैं। उनको पंजाब से सांसद बनाने में कैप्टन का ही अहम योगदान रहा है। मनीष तिवारी व कपिल सिब्बल के बीच का प्यार भी किसी से छिपा नहीं है। कैप्टन शाह की मुलाकात पर जहां सांसद मनीष तिवारी ने सियासी तीर छोड़कर कांग्रेस हाईकमान को घेरना शुरू कर दिया है तो वहीं दिल्ली से कपिल सिब्बल की आवाज भी दमदार होने लगी है।
सांसद मनीष तिवारी ने भी सिद्धू पर तंज कसा और कहा कि मेरे कहने पर कोई मंत्री बना या नहीं, अभी यह सोचने का विषय नहीं है। मुझे संकोच नहीं है कि जिन लोगों को राज्य की जिम्मेदारी दी गई है, वे पंजाब को समझ नहीं पाए। पंजाब सरहद का राज्य है। यहां पाकिस्तान की तरफ से हथियार आते हैं, ड्रग्स की तस्करी होती है, ड्रोन आते हैं। इन सब चीजों को देखते हुए सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के बहुत कद्दावर नेता हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा की बातें उन्हें अच्छी तरह पता हैं। चुनाव एक पहलू है, राष्ट्र हित दूसरा पहलू है। कैप्टन धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति हैं और राष्ट्रवाद उनमें कूटकूट कर भरा हुआ है। सांसद तिवारी भी राष्ट्रवाद की तार पकड़कर बैठ गए हैं। भाजपा भी कैप्टन अमरिंदर सिंह में राष्ट्रवाद देख रही है और बार-बार भाजपा नेता बता रहे हैं कि कैप्टन राष्ट्रवादी हैं, रिटायर फौजी हैं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा का दामन थामते हैं तो निश्चित तौर पर पंजाब में एक मजबूत जमीन मिल जाएगी। साथ ही वे 10 महीने से चल रहे किसान आंदोलन की चुनौती से भी भाजपा को निकाल सकते हैं। क्योंकि उनके किसानों के साथ कहीं बेहतर संबंध हैं। हालांकि अभी तक कैप्टन और भाजपा के तरफ से ऐसा कोई संकेत नहीं आया है, जिससे यह लगे कि वह भाजपा में शामिल हो जाएंगे।
कैप्टन खुद अमृतसर से संसदीय चुनाव लड़कर भाजपा के दमदार नेता अरुण जेटली को हरा चुके हैं। कैप्टन की आज भी कई सांसदों के अलावा विधायकों में खासी पकड़ है। सांसद गुरजीत औजला से लेकर मनीष तिवारी, सांसद जसबीर सिंह डिंपा, सांसद चौधरी संतोख के साथ कैप्टन की नजदीकियां जगजाहिर है, वहीं चन्नी मंत्रिमंडल में कुर्सी छिन जाने के बाद कई विधायक कांग्रेस से खफा हैं।
पूर्व मंत्री बलबीर सिद्धू, गुरप्रीत कांगड़ तो खुलेआम प्रेसवार्ता कर कह चुके हैं कि उनका कसूर क्या है? लिहाजा, जिस तरह से कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है और अस्थिरता का माहौल है, उसका पूरा फायदा कैप्टन अपने मास्टरस्ट्रोक के जरिए उठाने की तैयारी में है। इससे पंजाब में नए समीकरण पैदा होंगे। ऐसे में कैप्टन अमरिंदर सिंह को भाजपा पंजाब का कैप्टन बनाकर मैदान में उतार सकती है।