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पल्स पोलियो अभियान: पंजाब में 9.73 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी सुरक्षा की खुराक, 25 हजार कर्मियों की तैनाती की गई

Fri, 17 Jun 2022 07:26 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सहायक निदेशक डॉ. बलविंदर कौर (ईपीआई) ने बैठक में कहा कि भारत को विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से 27 मार्च 2014 को पोलियो मुक्त घोषित किया गया है फिर भी पड़ोसी देशों से पोलियो वायरस के आने का खतरा है।
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पल्स पोलियो अभियान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब में 19 से 21 जून तक चलने वाले पल्स पोलियो अभियान की तैयारियां पूरी हो गई हैं। अभियान के तहत राज्य में पांच साल से कम उम्र के 9.73 लाख बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। इसके लिए 25 हजार कर्मियों की तैनाती की गई है। 6443 टीमों का गठन किया गया है। अभियान पर नजर रखने के लिए 1000 पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है।

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अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सचिव अजय शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को राज्य टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में चर्चा के बाद बताया गया कि 0-5 वर्ष की आयु वर्ग के 973938 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। विभाग ने कोविड उपयुक्त व्यवहार अपनाकर अभियान का सुरक्षित संचालन करने का दिशा-निर्देश जारी किया है। 

निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं (परिवार कल्याण) डॉ. रंजीत सिंह घोत्रा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने पल्स पोलियो अभियान के लिए लगभग 25000 की 6443 टीमों का गठन किया है। राज्य में कारखानों, ईंट भट्ठों, झुग्गी बस्तियों, बस स्टैंडों, निर्माण स्थलों और रेलवे स्टेशनों में रहने वाले प्रवासी बच्चों जैसे सभी उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के कवरेज पर विशेष जोर देने के साथ घर-घर की गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। इन टीमों का नेतृत्व 1000 से अधिक पर्यवेक्षक करेंगे और समग्र पर्यवेक्षण राज्य स्तर के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
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पड़ोसी देशों से वायरस आने का खतरा
सहायक निदेशक डॉ. बलविंदर कौर (ईपीआई) ने बैठक में कहा कि भारत को विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से 27 मार्च 2014 को पोलियो मुक्त घोषित किया गया है फिर भी पड़ोसी देशों से पोलियो वायरस के आने का खतरा है, जहां इस बीमारी के मामले अब भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए, हमारी आने वाली पीढ़ियों को इस बीमारी से बचाने के लिए पल्स पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।

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