माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। सोपू नेता गुरलाल बराड़ की हत्या के मामले में गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह उर्फ बावा ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। पुलिस सोमवार को तीन दिन का रिमांड खत्म होने पर दिलप्रीत सिंह को जिला अदालत में पेश कर दोबारा रिमांड की मांग करेगी। पुलिस का कहना है कि दिलप्रीत सिंह बावा के खुलासों के बारे में गहनता से जानने के लिए अभी और पूछताछ की जरूरत है। यूटी पुलिस बीते शुक्रवार को दिलप्रीत को प्रोडक्शन वारंट पर कड़े पहरे के बीच चंडीगढ़ लेकर लाई थी।
औद्योगिक क्षेत्र स्थित वेब मॉल के बाहर सोपू नेता गुरलाल बराड़ की हत्या के बाद पंजाब के जिला पटियाला के नाभा जेल में बंद गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह का नाम सामने आया था। 19 अक्तूबर को उसे प्रोडक्शन वारंट पर चंडीगढ़ लाया जाना था, लेकिन पटियाला पुलिस की गिरफ्त में होने के कारण पुलिस उसे नहीं ला सकी थी। सूत्रों के मुताबिक दिलप्रीत सिंह से पूछताछ के बाद हत्या की गुत्थी सुलझ सकती है। हालांकि, वारदात में शूटरों को बाइक मुहैया करवाने वाले दो आरोपी गुरमीत सिंह उर्फ गीता और गुरविंदर सिंह उर्फ ढाढ़ी को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस जांच में सामने आया कि दिलप्रीत सिंह को बराड़ की हत्या करवाने का काम सौंपा गया था। गौरतलब है कि 10/11 अक्तूबर की रात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सोपू नेता गुरलाल बराड़ की फार्च्यूनर गाड़ी में ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसे मौत के घाट उतार दिया गया था, जिसके बाद तीन हत्या आरोपी बाइक पर सवार होकर फरार हो गए थे। इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ 302, आर्म्स एक्ट व साजिश की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। गुरलाल बराड़ की हत्या के कुछ घंटों बाद दविंदर बंबीहा गुट ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर जिम्मेदारी लेते हुए कहा था कि विदेश में बैठे गौरव पटियाल उर्फ लक्की ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी गुरलाल बराड़ की हत्या करवाई है।