लुधियाना में हुई सीएम चन्नी की रैली।
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मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की चुनावी रैली में काले रंग का पूरा खौफ दिखा। काले रंग की जैकेट और शर्ट पहनकर आने वाले लोगों को अंदर नहीं जाने दिया। किसी ने जाने की जिद की तो उसकी जैकेट उतरवा ली और शर्ट बदलकर आने को कहा गया। इतना ही नहीं महिलाओं को जैकेट पहनकर अंदर नहीं जाने दिया गया। जिस महिला ने काला सूट पहना उसे भी रैली के अंदर जाने की इजाजत नहीं मिली। हां, जिनकी सिफारिश थी, वह जरूर चले गए। इससे कुछ कार्यकर्ता नाराज भी हो गए और कुछ वापस चले गए।
रैली स्थल को पूरी तरह से पुलिस ने घेर रखा था। रैली स्थल के अंदर जाने के लिए बनाए गए रास्ते पर मेटल डिटेक्टर थे। हर व्यक्ति को मैटल डिटेक्टर के रास्ते अंदर जाना था। पुलिस को डर था कि पंजाब के मुख्यमंत्री का रैली में विरोध न हो। कोई काले झंडे न दिखा सके। जिन्होंने काले रंग का वस्त्र पहना था उनको बिना कारण बाहर निकाल दिया गया और जैकेट उतारकर या शर्ट बदलकर आने को कहा गया। इस मामले में जब पुलिस अधिकारियों से बात की गई तो नाम न छापने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि आशंका थी कि रैली के अंदर काले झंडे के रूप में कपड़ा न दिखा दिया जाए। जिसके लिए काली जैकेट और काली शर्ट पहन कर अंदर नहीं जाने दिया गया।
बारातियों को झेलनी पड़ी काफी दिक्कत
दाना मंडी के दो बड़े मैरिज पैलेस में रैली शुरू होते ही बारात भी आ गई। पूरे एरिया को पुलिस ने घेरा था। जिस रास्ते से बरात अंदर दाखिल होनी थी, वहां भी पुलिस की नाकाबंदी थी। किसी को भी अंदर आने जाने की इजाजत नहीं थी। बारात आई तो गाड़ियों में सामान था। पुलिस ने बारातियों की गाड़ियां रोक लीं। बारातियों के बात करने के बाद दूल्हे की घोड़ी को अंदर जाने दिया गया और बारात मैरिज पैलेस के अंदर दाखिल हुई।
दुष्कर्म का मामला दर्ज करवा चुकी पीड़िता को भी जाने नहीं दिया
लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस पर दुष्कर्म का मामला दर्ज करवा चुकी पीड़िता सोमवार को सीएम चन्नी की जनसभा में मिलने के उद्देश्य से पहुंची लेकिन उन्हें रैली स्थल के अंदर घुसने नहीं दिया गया। पीड़िता ने रैली स्थल के बाहर खड़े होकर अपना रोष व्यक्त किया। पीड़िता का कहना है कि एक तरफ सीएम चन्नी महिला सशक्तीकरण की बातें कर रहे हैं तो दूसरी तरफ उनकी सरकार में न्याय नहीं मिल रहा है। विधायक बैंस सहित सात आरोपियों के खिलाफ अदालत ने गैरजमानती वारंट जारी कर दिए हैं। इसके बावजूद पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है।