हरियाणा के करनाल में आईटीआई विद्यार्थियों और पुलिस के बीच हुए पथराव, लाठीचार्ज व फायरिंग मामले ने तूल पकड़ लिया है। सियासी दलों ने जहां सरकार पर हमला बोला है वहीं सीएम मनोहर लाल ने मामले में किसी की साजिश की आशंका जताई है। जबकि आईटीआई कर्मचारी संघ ने पुलिस की जांच पर सवाल उठा दिए हैं और आंदोलन की चेतावनी दी है। आईटीआई के विद्यार्थी रविवार शाम को रोष स्वरूप कैंडल मार्च निकालने की तैयारी में हैं।
इस बीच एसपी ने लाठीचार्ज के मामले में तीन हवलदारों को लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं, शहर में मौजूद सीएम ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्षता से जांच कराई जा रही है। एएसपी के नेतृत्व में एक टीम जांच कर रही है तो एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक की ओर से मजिस्ट्रेट जांच कराई जा रही है। दूसरी ओर, आल इंडिया गर्वनमेंट आईटीआई इंप्लाइज काउंसिल ने जांच से पहले एसपी के तबादले की मांग सीएम से की है।
काउंसिल का कहना है कि बिना एसपी के तबादले के निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। उधर, हरियाणा सरकार के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी देवेंद्र सिंह ने आईटीआई के प्रिंसिपल से बात करने के बाद निष्पक्ष जांच के लिए डीसी करनाल को निर्देश दिए। इसके बाद एसडीएम के साथ जांच कमेटी में स्किल डेवलपमेंट एंड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग डिपार्टमेंट हरियाणा के अतिरिक्त निदेशक आरपी श्योकंद और आईटीआई करनाल से जसबीर संधू को शामिल किया गया है।
अब ये तीन सदस्यीय कमेटी रविवार से जांच शुरू करेगी और आगामी एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
लाठीचार्ज में शामिल तीन पुलिस कर्मचारी लाइन हाजिर
पुलिस अधीक्षक ने लाठीचार्ज में शामिल तीन पुलिस कर्मचारियों को लाइन हाजिर कर दिया है। इनमें पुलिस चौकी सेक्टर-4 के हवलदार राजेश कुमार, सीआईए-1 के हवलदार सतीश कुमार तथा पुलिस चौकी मॉडल टाउन करनाल के हवलदार सुखदेव सिंह के नाम शामिल है। हालांकि, अभी तक गोली चलाने और पत्थर मारने समेत आईटीआई में घुसकर प्रिंसिपल व स्टाफ के साथ मारपीट करने के आरोपियों पर कार्रवाई होना शेष है।
ज्वाइंट और असिस्टेंट डायरेक्ट ने लिए स्टाफ के बयान
आईटीआई में शनिवार को ज्वाइंट डायरेक्टर संजीव शर्मा व असिस्टेंट डायरेक्टर ने आईटीआई का निरीक्षण किया और सभी स्टाफ व प्रिंसिपल के बयान दर्ज किए। दोपहर तक यह बैठक चलती रही। शुक्रवार को भी संयुक्त डायरेक्टर सहित अन्य अधिकारियों ने आईटीआई मामले की जानकारी ली थी।
एएसपी ने किया निरीक्षण, स्टाफ ने दिखाई तोड़फोड़
आईटीआई स्टाफ व प्रिंसिपल पर लाठीचार्ज की जांच एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने एएसपी को सौंपी है। शाम को एएसपी मुकेश ने आईटीआई में जाकर निरीक्षण किया। इस दौरान स्टाफ ने आईटीआई परिसर में खून के छींटे व टूटे हुए दरवाजे व कार के टूटे शीशों को दिखाया। शुक्रवार को डीसी विनय प्रताप ने भी आईटीआई का निरीक्षण कर स्टाफ से बातचीत की थी।
अभिभावक बोले, बेकसूर हैं हमारे बच्चे
पथराव करने के आरोप में पुलिस ने जिन 103 विद्यार्थियों को गिरफ्तार किया था, उन विद्यार्थियों के अभिभावकों ने कहा कि उनके बच्चे बेकसूर हैं। जिन शरारती बच्चों ने पथराव किया था वे भाग गए थे। उनके बच्चे कक्षा में पढ़ रहे थे, जिनपर पुलिस ने लाठियां बरसाईं और मामला दर्ज कर दिया।
छावनी बनी रही आईटीआई
पुलिस लाठीचार्ज के बाद आईटीआई परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि विद्यार्थी दोबारा कोई शरारत न कर दे। दूसरी ओर आईटीआई का पूरा स्टाफ कार्यालय में आया था। सभी डरे थे। आईटीआई परिसर में सन्नाटा था।