रेप पीड़ित की मदद के लिए शुक्रवार को पुलिस ने सेक्टर-17 में वुमन एंड चाइल्ड स्पोर्ट यूनिट में रेप क्राइसिस सेंटर खोल दिया। इस सेंटर के साथ कई एनजीओ, वकीलों, डाक्टरों और समाज कल्याण विभाग को भी जोड़ा गया है। हालांकि रेप के मामले पुलिस थानों में ही दर्ज होंगे, लेकिन मामला दर्ज करने के बाद पीड़ित की मदद की जिम्मेवारी इस सेंटर की होगी। पीड़ित से बात करने केलिए महिला पुलिस कर्मचारियों की टीम घर जाएगी।
शहर में यह अपनी तरह का पहला सेंटर है। आईजी आरपी उपाध्याय ने शुक्रवार को इस सेंटर का उद्घाटन किया। इस सेंटर में एक चीफ कोआर्डिनेटर की भी व्यवस्था की गई, जो कि सभी के साथ तालमेल बनाएगी। उद्घाटन समारोह के दौरान एसएसपी डा. सुखचैन सिंह गिल, एसएसपी ट्रैफिक मनीष चौधरी, डीएसपी सुमन मीणा, डीएसपी आशीष कपूर, डीएसपी श्वेता चौहान और पूर्व डीआईजी आरएस घुम्मन ने भी भाग लिया।
16 साल की गर्भवती से भी संपर्क करेगा सेंटर
पिछले दिनों एक नाबालिग और एक 18 साल के युवक के लिविंग रिलेशन में रहने के बाद जन्मी बच्ची का मामला सामने आया था। इस समय नाबालिग सेक्टर-23 में मदर टैरेसा में है। इस बच्ची से भी सेंटर की टीम संपर्क करेगी और उसे आ रही परेशानी के बारे में पूछेगी।
पुलिस कर्मचारियों पर भी लग चुके है आरोपी
पिछले साल दिसंबर माह में नाबालिग के साथ पुलिस कर्मचारियों द्वारा किए गए रेप का मामला भी सामने आ चुका है। इस मामले में पांच कांस्टेबल इस समय न्यायिक हिरासत में है।
इस साल अब तक 20 मामले
इस साल अब तक रेप के कुल 20 मामले दर्ज हो चुके है, जिनमें से इस सेंटर ने 8 महिलाएं मदद के लिए संपर्क भी
कौन कौन होंगे सदस्य
संयोजक- कमल मीणा, डीएसपी
चीफ कोऑर्डिनेटर-जसविंदर कौर, सोशल वेलफेयर
कोऑर्डिनेटर- बिसमन अहूजा
काउंसलर- तबसुम खान, शिखा त्यागी
मनोचिकित्सक - डॉ. रूपिंद्र कौर, डॉ सपना
फिजियोलॉजिस्ट : डा. रूसी, डॉ. शिखा त्यागी
कानूनी मदद : वकील इंद्रजीत सिंह बैंस, कंचन सहगल, नीलू शर्मा और रेणु रिशी
यहां पर भी बनेंगे सेंटर
प्रशासन की ओर से ये सेंटर पीजीआई, जीएमसीएच-32 व जीएमएसएच-16 में भी बनाए जाने का प्रस्ताव है।