कुंडली-मानेसर-पलवल पूरी तरह से हरियाणा के अंदर पड़ता है। यह देश का दूसरा हाईटेक एक्सप्रेस वे है, जिसपर सोलर सिस्टम के सहारे लाइटों को जलाया जाएगा तो बिजली के अन्य कार्य भी सोलर सिस्टम से होंगे। इस पर भी केजीपी की तरह ही डिजिटल आर्ट गैलरी बनाई गई है, जहां एक्सप्रेस वे के निर्माण से जुड़ी पूरी गतिविधियां दिखाई जाएगी और हरियाणा की संस्कृति से गैलरी के अंदर भी रूबरू कराया जाएगा।
इसे कुंडली में गढ़ी बाला टोल के पास बनाया गया है। इसके साथ ही हरियाणा की संस्कृति से जुड़ी 21 कलाकृतियां भी केएमपी पर लगाई जा रही है। ड्रिप इरिगेशन सिस्टम भी केएमपी पर बनाया गया है। इस तरह देश का दूसरा हाईटेक एक्सप्रेस वे भी हरियाणा के अंदर ही बना है।
देशभर के लिए मॉडल बन रहे दोनों एक्सप्रेस वे
केजीपी व केएमपी को बनाने में काफी प्रयोग करके देखे गए थे, जिनमें डिजिटल आर्ट गैलरी से लेकर सोलर सिस्टम, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, स्पीड ट्रैकिंग सिस्टम, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम आदि शामिल है। यह प्रयोग पूरी तरह से सफल रहे और इस कारण ही यह दोनों एक्सप्रेस वे देशभर के लिए मॉडल बन गए हैं। इनकी तकनीक को महाराष्ट्र व गुजरात में बनाए जा रहे एक्सप्रेस के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं देश में अन्य जगहों पर भविष्य में एक्सप्रेस वे बनाए जाते है तो वहां भी इनकी तकनीक को इस्तेमाल किया जा सकता है।
केजीपी देश का पहला एक्सप्रेस वे है, जहां सोलर सिस्टम से बिजली उत्पादन होता है तो डिजिटल आर्ट गैलरी भी देश में केवल इन दोनों एक्सप्रेस वे पर बनी है। एनएचएआई इनकी तकनीक को अन्य एक्सप्रेस वे में इस्तेमाल कर रहा है, क्योंकि केजीपी पर कुछ प्रयोग काफी बेहतर रहे हैं। -किशोर कानियाल, परियोजना निदेशक एनएचएआई।