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बेहद हाईटेक हैं हरियाणा के ये दो एक्सप्रेस वे, इन खूबियों से हैं लैस, एक का पीएम आज करेंगे उद्घाटन

Mon, 19 Nov 2018 09:13 AM IST
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
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सांकेतिक तस्वीर
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देश में हरियाणा ऐसा अकेला राज्य बन गया है, जहां हाईटेक तकनीक वाले एक्सप्रेस वे है। हरियाणा के नाम यह उपलब्धि केजीपी व केएमपी के कारण जुड़ी है। क्योंकि देश में केवल यह दो एक्सप्रेस वे है, जहां सोलर सिस्टम से बिजली उत्पादन के साथ लाइटें जलती है व आर्ट गैलरी बनी है। ड्रिप इरिगेशन सिस्टम भी चलाया जा रहा है। इन एक्सप्रेस वे के सहारे देश व हरियाणा की संस्कृति से भी लोगों को जोड़ा जा रहा है। इनमें भी सबसे बड़ी उपलब्धि हरियाणा के नाम यह जुड़ रही है कि इन दोनों एक्सप्रेस वे के मॉडल के आधार पर ही महाराष्ट्र व गुजरात में अन्य एक्सप्रेस वे बनाए जा रहे हैं। केजीपी पर लोग सफर कर रहे है तो केएमपी पर सोमवार से सफर शुरू कर देंगे।

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हरियाणा से शुरू तो अपने यहां ही खत्म
कुंडली-गाजियाबाद-पलवल ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे का अधिकतर हिस्सा हरियाणा में पड़ता है और इसकी शुरूआत हरियाणा से होती है तो यह खत्म भी हरियाणा में होता है। एनएचएआई ने 5764 करोड़ की लागत से इस एक्सप्रेस वे को बनाया है। यह देश का पहला एक्सप्रेस वे है, जहां सोलर सिस्टम से बिजली उत्पादन होता है तो 3डी तकनीक वाली डिजिटल आर्ट गैलरी बनाई गई है, जिसमें एक्सप्रेस वे से जुड़ी हर तकनीक को दिखाया जाता है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग से लेकर ड्रिप इरिगेशन सिस्टम भी इस एक्सप्रेस वे पर बने हैं। इसके अलावा देश की संस्कृति व इतिहास को दर्शाती हुई कलाकृतियां भी एक्सप्रेस वे पर बनी हैं। इन सभी सुविधाओं के कारण यह देश का पहला हाईटेक एक्सप्रेस वे है।

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दूसरा हाईटेक एक्सप्रेस वे भी हरियाणा में बना

केएमपी - फोटो : अमर उजाला
कुंडली-मानेसर-पलवल पूरी तरह से हरियाणा के अंदर पड़ता है। यह देश का दूसरा हाईटेक एक्सप्रेस वे है, जिसपर सोलर सिस्टम के सहारे लाइटों को जलाया जाएगा तो बिजली के अन्य कार्य भी सोलर सिस्टम से होंगे। इस पर भी केजीपी की तरह ही डिजिटल आर्ट गैलरी बनाई गई है, जहां एक्सप्रेस वे के निर्माण से जुड़ी पूरी गतिविधियां दिखाई जाएगी और हरियाणा की संस्कृति से गैलरी के अंदर भी रूबरू कराया जाएगा।

इसे कुंडली में गढ़ी बाला टोल के पास बनाया गया है। इसके साथ ही हरियाणा की संस्कृति से जुड़ी 21 कलाकृतियां भी केएमपी पर लगाई जा रही है। ड्रिप इरिगेशन सिस्टम भी केएमपी पर बनाया गया है। इस तरह देश का दूसरा हाईटेक एक्सप्रेस वे भी हरियाणा के अंदर ही बना है।

देशभर के लिए मॉडल बन रहे दोनों एक्सप्रेस वे
केजीपी व केएमपी को बनाने में काफी प्रयोग करके देखे गए थे, जिनमें डिजिटल आर्ट गैलरी से लेकर सोलर सिस्टम, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, स्पीड ट्रैकिंग सिस्टम, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम आदि शामिल है। यह प्रयोग पूरी तरह से सफल रहे और इस कारण ही यह दोनों एक्सप्रेस वे देशभर के लिए मॉडल बन गए हैं। इनकी तकनीक को महाराष्ट्र व गुजरात में बनाए जा रहे एक्सप्रेस के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं देश में अन्य जगहों पर भविष्य में एक्सप्रेस वे बनाए जाते है तो वहां भी इनकी तकनीक को इस्तेमाल किया जा सकता है।

केजीपी देश का पहला एक्सप्रेस वे है, जहां सोलर सिस्टम से बिजली उत्पादन होता है तो डिजिटल आर्ट गैलरी भी देश में केवल इन दोनों एक्सप्रेस वे पर बनी है। एनएचएआई इनकी तकनीक को अन्य एक्सप्रेस वे में इस्तेमाल कर रहा है, क्योंकि केजीपी पर कुछ प्रयोग काफी बेहतर रहे हैं। -किशोर कानियाल, परियोजना निदेशक एनएचएआई।
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