पांच जनवरी को फिरोजपुर दौरे पर आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2.73 लाख करोड़ रुपये के कर्जदार पंजाब को बड़ी आर्थिक राहत दे सकते हैं। सूबे की बेपटरी हुई वित्तीय अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रधानमंत्री बड़े वित्तीय पैकेज का एलान कर सकते हैं। उद्योग जगत भी प्रधानमंत्री के दौरे को आशा भरी नजरों से देख रहा है। संभावना यह भी है कि मोदी पंजाब के उद्योगों को हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर विशेष रियायत दे सकते हैं। वैसे भी भाजपा की इस चुनावी रैली में आ रहे प्रधानमंत्री से सूबे के लोगों को काफी उम्मीदें हैं।
भाजपा के सहयोगी लोक पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह और शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के अध्यक्ष सुखदेव सिंह ढींडसा भी मोदी की रैली को लेकर सक्रिय हो चुके हैं। भाजपा की प्रदेश इकाई भी अलग-अलग जिलों में संगठन को मजबूत करने में सक्रिय है। इस रैली में भाजपा के दोनों सहयोगी मोदी के साथ मंच साझा करेंगे।
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने 5 जनवरी को हो रही प्रधानमंत्री की रैली का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि अभी भी किसानों की कई मांगें पूरी नहीं हुई हैं। नौ और किसान यूनियन भी मोदी के दौरे का विरोध करने का एलान कर चुकी हैं। वहीं, भाकियू एकता उगराहां के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि हम पीएम की रैली में खलल नहीं डालेंगे, लेकिन हमारा विरोध जारी रहेगा।
फिरोजपुर में होने वाली रैली को भाजपा यादगार बनाने में जुटी हुई है। मोदी के स्वागत के लिए पंजाब भाजपा 20 एकड़ परिसर में पंडाल बना रही है। यहां पर पार्टी ने 5 लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया है। इतनी बड़ी संख्या को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हैं।
- करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलना