देश की आस्था का केंद्र वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र और उनके लिए ख्वाबों का शहर वाराणसी। यूं तो कई बार पीएम मोदी ने वाराणसी को करीब से देखा है, लेकिन अब वे अपने वाराणसी को रोहतकी आंख से देखेंगे।
ऐसी आंख जिसने वाराणसी का अलहदा रूप डॉक्यूमेंट्री के रूप में तैयार किया और भारतीय सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित दादा साहेब फाल्के पुरस्कार (डॉक्यूमेंट्री श्रेणी में) भी झोली में डाल लिया। ये आंखें हैं रोहतक के होनहार छोरे जतिन बजाज की। जतिन ने वाराणसी पर डाक्यूमेंटरी बनाकर अभी से अपने ख्वाबों को साकार करने की परवाज भर ली है। जल्द ही जतिन इसकी सीडी प्रधानमंत्री मोदी को भेजेंगे।
रोहतक के ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी जतिन बजाज नोएडा के मास्को मीडिया से फिल्म मेकिंग का कोर्स कर रहे हैं। पिता मुकेश बजाज खानपुर मेडिकल कॉलेज में मेडिकल इंजीनियर तो माता सुनीता रोहतक पीजीआई में असिस्टेंट हैं। जतिन पुरस्कार के लिए अपनी इंट्री भेजना चाहते थे, ऐसे में डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए जतिन ने वाराणसी और वहां की संस्कृति को चुना।
कई दिनों की कड़ी मेहनत के बाद जतिन ने ‘वाराणसी द होली सिटी नाम’ से डॉक्यूमेंट्री बनाई और उसे अपने संस्थान के माध्यम से पुरस्कार के लिए रजिस्टर्ड कराया। मेहनत रंग लाई और जतिन की लघु फिल्म को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार मिला।