1984 के कत्लेआम पीड़ितों ने बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उन्होंने मांग की कि कत्लेआम के आरोपी सभी कांग्रेसियों को सजा दिलाई जाए। इनमें मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ भी शामिल हैं। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और एसजीपीसी प्रधान गोबिंद सिंह लोंगोवाल की अगुवाई में पीड़ितों और गवाहों ने मोदी से मुलाकात की।
उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन पीएम राजीव गांधी के इशारे पर उनके परिजनों की निर्मम हत्या की गई। लेकिन कांग्रेस 34 साल से आरोपी नेताओं को बचाती आ रही है। हाल ही में उसने कमलनाथ को एमपी का सीएम बना दिया। जो कि रकाबगंज गुरुद्वारे में हुए हत्याकांड के आरोपी हैं। जगदीश कौर और निरप्रीत कौर, जिनके परिजनों को मार दिया गया था, ने कहा कि वे आज भी दहशत में हैं क्योंकि उन्होंने आरोपियों के खिलाफ गवाही दी थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सभी कांग्रेस सरकारों ने सबूत नष्ट करवाने को दिल्ली पुलिस पर दबाव डाला। उन्होंने एसआईटी बनाने के लिए पीएम का धन्यवाद किया। जिसके चलते ही कांग्रेस द्वारा बंद कराए केसों में दो आरोपियों को हाल ही में सजा मिली है। सुखबीर ने कहा कि इन महिलाओं ने ताकतवर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ डट कर गवाही दी। ऐसी लड़ाई लड़ना आसान काम नहीं था। शिअद पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ाई लड़ता रहेगा। इस मौके पर बलविंदर सिंह भूंदड़, प्रेम सिंह चंदूमाजरा, नरेश गुजराल भी मौजूद थे।