पिम्स अस्पताल में मरीजों के लिए बनाए गए प्राइवेट कमरों को अब खत्म कर दिया गया है। इन निजी कमरों को अब हॉस्टल में तबदील कर दिया गया है। अब मरीजों को जनरल वार्ड में ही अपना इलाज करवाना पड़ रहा है।
पिम्स में करीब 20 प्राइवेट कमरे थे। अस्पताल में छात्रों का एक बैच बढ़ जाने के कारण इन कमरों को हॉस्टल में तब्दील कर दिया गया है। अस्पताल प्रशासन ने इन कमरों को छात्रों को देकर उनकी समस्या का समाधान तो कर दिया लेकिन इस अस्पताल में प्राइवेट कमरा लेने वालों को समस्या में डाल दिया है। इस अस्पताल में अब तीन बेड और छह बेड वाले ही कमरे उपलब्ध हैं। अगर किसी व्यक्ति को इस अस्पताल में इलाज करवाना है तो उसे इन्हीं कमरों में ही ठहरना पड़ेगा।
अस्थायी तौर पर कमरों को किया गया हॉस्टल में तब्दील : डायरेक्टर
प्राइवेट कमरों को हॉस्टल में बदले जाने के मुद्दे पर पिम्स अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. कंवलजीत सिंह का कहना है कि अस्पताल में रेनोवेशन के कारण इन रूम को कुछ दिनों के लिए हॉस्टल में बदला गया है। अस्पताल में स्टडी बैच भी बढ़ रहे हैं। अस्पताल की नई बिल्डिंग का भूमि पूजन भी हो चुका है। जल्द ही इन प्राइवेट रूम को किसी ओर जगह पर शिफ्ट करके, पहले से भी बेहतर बनाया जाएगा।