कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
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पंजाब में अगले हफ्ते से कोविड-19 रैपिड एंटीजन टेस्टिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू हो जाएगा। इसकी अनुमति मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दी है। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से आने वाले लोगों को ई-रजिस्टर होना पड़ेगा। रैपिड एंटीजन टेस्टिंग न्यूनतम 1000 टेस्ट कवर करेगा। इसके तहत सूबे में आने वाले प्रवासी मजदूरों के टेस्ट किए जाएंगे।
राज्य सरकार कोविड टेस्टों की क्षमता और बढ़ाने के लिए रैपिड एंटीजन टेस्टिंग किटों की खरीद करेगी। वर्तमान में राज्य में टेस्ट की दर केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 10 लाख पर 140 टेस्ट प्रति दिन की दर से अधिक है। इसके साथ ही कोरोना पॉजिटिव के 10 फीसदी केसों की दर के मुकाबले सूबे में यह दर काफी कम है।
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दो फीसदी पॉजिटिव केसों की दर वाले पंजाब में मौजूदा समय में रोजना 10 लाख पर 242 टेस्ट किए जा रहे हैं। घरेलू यात्रियों के लिए स्व:निगरानी के तहत घरेलू एकांतवास के भारत सरकार के दिशा-निर्देश पर असहमति जताते हुए मुख्यमंत्री ने इसे रद्द करते हुए कहा कि पंजाब में यह कदम नहीं उठाया जाएगा क्योंकि रोजाना दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सूबे में बढ़ी संख्या में लोग आ रहे हैं।
सख्त निगरानी में ही पंजाब में वाहनों के प्रवेश की इजाजत
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि किसी भी वाहन को सख्त निगरानी विधि अपनाए बिना पंजाब में प्रवेश की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक में सूबे के सीनियर और स्वास्थ्य अधिकारियों से कोविड की स्थिति और तैयारियों का जायजा लिया।
मुख्य सचिव विनी महाजन ने सीएम को भरोसा दिलाया कि दाखिल होने वाले सभी लोगों की कड़ी निगरानी की जाएगी और घरेलू एकांतवास पर अमल को फोन आधारित निगरानी से लगातार मुआयना करते हुए यकीनी बनाने के लिए प्राइवेट लोगों की सेवाएं ली जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जो भी व्यक्ति वाहन की स्क्रीन पर सर्टिफिकेट के प्रिंट लगाए बिना प्रवेश करेंगे, उन्हें रोक लिया जाएगा और मौके पर रजिस्टर कराया जाएगा।