चंडीगढ़। बुड़ैल जेल प्रशासन ने महिला कैदियों के लिए फिजियोथैरेपी की व्यवस्था और उनके बच्चों के खेलने के लिए कमरा बनाया है। आईजी जेल दीपक पुरोहित ने शुक्रवार सुबह 11.30 बजे इसका उद्घाटन किया। जेल अधिकारी के अनुसार महिला कैदियों के बच्चों को जेल के बाहर क्रेच में छोड़ा जाता है, लेकिन अब उनके लिए जेल में भी खेलने के लिए अलग से कमरा बना दिया है। इसमें खेलने के लिए विभिन्न तरह के खिलौने रखे गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में तीन बच्चे जेल में अपनी मां के साथ रह रहे हैं। इसमें चार महीने, एक साल और दो साल का बच्चा है। नियमानुसार जेल के बाहर बच्चे की देखभाल करने वाला कोई होता तो 6 साल तक का बच्चा अपनी मां के साथ रह सकता है। जेल में पुरुष कैदियों के लिए पहले से ही फिजियोथैरेपी की व्यवस्था थी, लेकिन महिलाओं को जेल के बाहर अस्पताल ले जाना पड़ता था। इसमें जेल कर्मचारियों को उन्हें ले जाने और लाने की ड्यूटी लगती थी। साथ ही में जेल प्रशासन का खर्च भी होता था। अब जेल में उनके लिए अलग से फिजियोथैरेपी कमरा बना दिया गया है। इस मौके पर संयुक्त आईजी जेल पालिका अरोड़ा, जेल सुपरिंटेंडेंट अमनदीप सिंह, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट मुकेश कुमार, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट प्रवीन कुमार और डिप्टी सुपरिंटेंडेंट प्रमोद खत्री मौजूद रहे।