पंजाब यूनिवर्सिटी की पीएचडी सोशल वर्क की छात्रा रवनीत हमेशा ही जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे रहती हैं। वे जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई का खर्चा उठाने सहित मजदूर महिलाओं की मदद में जुटी हुई हैं। पिछले कुछ समय से रवनीत ने ‘नानकी मेहरामत फाउंडेशन’ नामक एक संस्था चलाई है। इसके तहत उन्होंने जननी सुरक्षा नामक प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसमें वह गर्भवती महिलाओं और उनके होने वाले बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जिम्मेदारी उठाएंगी।
रवनीत ने अमर उजाला के साथ बातचीत में कहा कि झुग्गियों में रहने वाली महिलाओं में अक्सर देखा जाता है कि देखरेख और उचित स्वास्थ्य सुविधाओं के नहीं मिल पाने के कारण उन्हें कई बीमारियां हो जाती हैं। इससे नवजात की सेहत पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसलिए उन्होंने ठानी है कि वे एक वर्ष में लगभग 5 जरूरतमंद महिलाओं को गोद लेंगी। वे इन महिलाओं के गर्भधारण से लेकर पूरे नौ महीने उनके पौष्टिक आहार और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करेंगी। साथ ही अगर वे बच्चे को पढ़ाने में समर्थ नहीं होते तो उनकी पहली से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई की भी जिम्मेदारी लेंगी।
महिलाओं को महामारी के दौरान उचित स्वच्छता के लिए कर रही जागरूक
रवनीत ने बताया कि झुग्गियों में रहने वाली महिलाएं मासिक धर्म को लेकर बहुत कम बोलती हैं। ऐसे में महामारी के दौरान उचित स्वच्छता नहीं रख पाने के कारण उन्हें कई बीमारियां होने का डर बना रहता है। उन्होंने बताया वे महिलाओं को महामारी के दौरान उचित स्वच्छता के प्रति भी जागरूक करती रहती हैं। महिलाओं को डिलीवरी के समय बहुत रक्तस्राव होता है। इसके लिए वह प्लास्टिक पैड्स के ऊपर कॉटन पैड पर लगाकर उनका इस्तेमाल करा रही हैं।