चंडीगढ़। पीजीआई में बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण ठीक से न होने पर मानवाधिकार आयोग सख्त हो गया है। अयोग ने पीजीआई प्रबंधन को इस संबंध में अंतिम चेतावनी जारी करते हुए 29 दिसंबर तक अपना पक्ष रखने को कहा है। पीजीआई इंप्लाइज यूनियन नॉन फैकल्टी के प्रधान अश्वनी कुमार मुंजाल ने पिछले दिनों कई फोटो के साथ आयोग को बताया था कि किस तरह पीजीआई मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में लापरवाही कर रहा है।
इसमें नेहरू हॉस्पिटल के बाहर भी बायो मेडिकल वेस्ट के बिखरे पड़े होने की तस्वीर थी। इससे मरीजों में संक्रमण के खतरे की आशंका जताई थी। साथ ही लोगों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा था। उन्होंने आयोग को बताया था कि कचरा उठाने वाले उसी बायो मेडिकल वेस्ट में से प्लास्टिक, डिस्पोजेबल सिरिंजों, सुइयों, आईवी सेट आदि खोजते हैं। उन्हें भी संक्रमण का खतरा रहता है। बीते 5 नवंबर 2019 को इस शिकायत को संज्ञान में लेते हुए मानवाधिकार आयोग ने पीजीआई प्रशासन को जवाब देने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अभी तक आयोग के समक्ष जवाब नहीं पेश किया गया है। आयोग ने पीजीआई प्रबंधन को एक और मौका दिया है। साथ ही 29 दिसंबर तक पीजीआई को अपना पक्ष और रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।