चंडीगढ़ पीजीआई प्रशासन ने कोविड अस्पताल में ड्यूटी कर रहे नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी और क्वारंटीन व टेस्ट की गाइडलाइन में बदलाव कर दिया है। पीजीआई नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन नई गाइडलाइन के विरोध में उतर आई है।
एसोसिएशन ने गाइडलाइन बनाने वाली कमेटी के चेयरमैन और डॉ. अरुनलोक चक्रवर्ती और पीजीआई डायरेक्टर प्रो. जगतराम को वीरवार को पत्र लिखकर नई गाइडलाइन को लागू न करने की मांग की है।
एसोसिएशन के सचिव सत्यवती सिंह डागर का कहना है कि नई गाइडलाइन में 10 दिन की ड्यूटी के बाद 5 दिन की छुट्टी का नियम बनाया गया है। साथ ही कोविड टेस्ट को अनिवार्य नहीं रखा गया है। इतना ही नहीं स्टाफ के लिए अस्पताल में रुकने की व्यवस्था भी नहीं की गई है।
जबकि पुराने मानक में 7 दिन की ड्यूटी के बाद 7 दिन क्वारंटीन रखने का नियम था। उसके बाद टेस्ट किया जाता था। टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद स्टाफ को घर भेजा जाता था लेकिन नए गाइडलाइन में जो मानक तय किए गए हैं, वह स्टाफ के लिए और उसके परिवार के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि पीजीआई के ज्यादातर नर्सिंग स्टाफ किराए के घरों में रह रहे हैं। ऐसी स्थिति में ड्यूटी करने के बाद बिना टेस्ट के घर भेजे जाने पर उन्हें तमाम तरह की परेशानियां झेलनी पड़ेंगी इसलिए नई गाइडलाइन की बजाय पुरानी गाइडलाइन को ही लागू रहने दिया जाना चाहिए।
सत्यवती सिंह ने बताया कि ड्यूटी और टेस्ट के मानक में बदलाव के साथ ही नाइट शिफ्ट में 12 घंटे की ड्यूटी का प्रावधान किया गया है जो बेहद ही गंभीर है। कोई भी स्टाफ 12 घंटे तक पीपीई किट पहनकर ड्यूटी नहीं कर सकता है।