पीजीआई की केमिस्ट शॉप में मरीज लुट रहे हैं। जिस शॉप का किराया जितना ज्यादा है, वह उतनी ही महंगी दवाएं मरीजों को थमा रहा है। पीजीआई की केमिस्ट शॉप का हर साल किराया बढ़ जाता है।
इस बढ़े हुए किराए की भरपाई मरीजों से ही की जा रही है। अमर उजाला की इन्वेस्टीगेशन में यह बात सामने आई है। मंगलवार को पीजीआई की अलग-अलग दुकानों से एक ही तरह की कई मेडिसिन खरीदी गई। जिस दुकान का किराया सबसे ज्यादा था, उसने सबसे महंगा रेट लगाया।
जिसका रेट कम था, उसने थोड़ी ज्यादा छूट दी। हैरानी की बात यह है कि पीजीआई का एडमिनिस्ट्रेशन इस मुद्दे पर कुछ नहीं करता। इस कारण मरीज भी महंगी दवाएं खरीदने को मजबूर हैं।
इस तरह से करते हैं खेल
केमिस्ट शॉप संचालक सारा खेल एमआरपी और डिस्काउंट पर कर रहे हैं। जिसकी दुकान का किराया ज्यादा है, वह 15 से 50 प्रतिशत डिस्काउंट देता है। जिसका किराया कम है, वह 15 से 75 प्रतिशत तक छूट दे रहा है।
दरअसल दवाओं के पैकेट पर असली रेट से कई गुना अधिक एमआरपी पब्लिश की जा रही है। इस एमआरपी का फायदा केमिस्ट शॉप संचालक अपने तरीके से उठाते हैं।
मनमर्जी से डिस्काउंट देकर ज्यादा रुपये वसूलते हैं। ड्रग कंट्रोल विभाग भी सिर्फ एमआरपी से ज्यादा में दवा बेचने वालों पर कार्रवाई करता है।
दवाएं---------------------त्रिलोक केमिस्ट
आइटम--------------------रेट प्रति--------छूट
आप्टिम स्ट्रिप----------------35--------28 प्रतिशत
निप्रो 10 एमएल सिरिंज-------18----------42
निप्रो 5 एमएल सिरिंज--------10----------30
आईवी सेट------------------79----------36
सर्जिकल ग्लव्स--------------60----------50
आप्टिन्यूरोन इंजेक्शन--------8.50----------15
कुल बिल----------------300 रुपये
दुकान का किराया----------56 लाख रुपये महीना
दवाएं--------------------------सुपर केमिस्ट
आइटम--------------------रेट-----------छूट
आप्टिम स्ट्रिप---------------35---------50 प्रतिशत
स्ट्रेरीवेन 10 एमएल सिरिंज----18---------55
स्ट्रेरीवेन 5 एमएल सिरिंज-----12---------58
आईवी सेट------------------98----------59
सर्जिकल ग्लव्स--------------55----------55
आप्टिन्यूरोन इंजेक्शन--------8.50---------15
कुल बिल----------------------225 रुपये
दुकान का किराया---------------2216532
दवाएं------------------------दुर्गा मेडिकोज
आइटम----------------------रेट-----------छूट
आप्टिम स्ट्रिप----------------35--------57 प्रतिशत
स्ट्रेरीवेन 10 एमएल सिरिंज----11-----------45
स्ट्रेरीवेन 5 एमएल सिरिंज-----8.50----------50
आईवी सेट--------------------52-----------52
सर्जिकल ग्लव्स----------------60-----------66
आप्टिन्यूरोन इंजेक्शन----------5.50-----------15
कुल बिल----------------------177 रुपये
दुकान का किराया---------------10 लाख 53 हजार
दवाएं------------------------नीलकंठ ड्रग स्टोर
आइटम----------------------रेट-----------छूट
आप्टिम स्ट्रिप-----------------35---------50 प्रतिशत
डिस्पोवेन 10 एमएल सिरिंज----12-------------30
डिस्पोवेन 5 एमएल सिरिंज-----5--------------30
आईवी सेट-------------------98-------------71.20
सर्जिकल ग्लव्स---------------------------------
आप्टिन्यूरोन इंजेक्शन----------------------------
कुल बिल----------------------175 रुपये
दुकान का किराया-------------करीब पांच लाख रुपये
नोट : नीलकंठ ने दो दवाओं के रेट नहीं लिखे, लेकिन बिल सभी दवाओं का बनाया है।
पहले पांच लाख किराया, अब 11 लाख
पिछले हफ्ते फिर से कुछ दुकानों के टेंडर हुए हैं। पिछले रेट के मुकाबले इस दफा करीब 30-40 प्रतिशत महंगी दुकानों किराए पर उठी। जिस केमिस्ट शॉप का किराया पांच लाख रुपये महीना था, इस साल उस दुकान का टेंडर 11 लाख में हुआ है। यानी छह लाख रुपये दुकान महंगी हो गई।
इसी तरह से पांच दुकानों के अलॉटमेंट हुए हैं। सभी दुकानों का किराया बढ़ गया है। नई दुकानें एक अगस्त से सुचारू रूप से खुल जाएंगी। जाहिर सी बात है कि मरीजों को अभी जो डिस्काउंट मिल रहा है, वह नहीं मिलेगा। शॉप मालिक बढ़े रेट की भरपाई अब मरीजों से करेगा।
पांच दुकानों के फिर से नए टेंडर
यहां पर दुकान है---------------पुराना किराया---------नया किराया
एडवांस पीडियाट्रिक-------------505483------------1135959
ओपीडी (दो दुकानें)--------1256029, 930696------4807434
नेहरू ब्लाक------------------3398057-------------4977307
नेहरू ब्लाक------------------2216532--------------3853707
ओल्ड शापिंग कांप्लेक्स---------105300--------------1731573