चंडीगढ़। पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा ) इंडिया और आश्रय फाउंडेशन ने मंगलवार को सेक्टर-17 में पग प्रजाति के कुत्तों के सांस लेने की समस्या के प्रति जागरूक किया। इस दौरान सांस लेने का उपकरण पहने पग्स के रूप में प्रदर्शन करके जनता को यह संदेश दिया गया कि पग जैसी विदेशी प्रजाति के ब्रैचिसेफलिक (चपटे-मुंह) वाले कुत्तों को हर समय सांस लेने में परेशानी होती है। जनता से उन्हें कभी न खरीदने का अनुरोध भी किया। पग भारत में सबसे लोकप्रिय कुत्तों की प्रजातियों में से एक हैं।
इसलिए पेटा की ओर से यह कदम उठाया गया। छोटी नाक और चपटे मुंह वाले कुत्तों को अक्सर सांस की गंभीर समस्याओं के लिए सर्जरी की आवश्यकता होती है। पेटा इंडिया के कैंपेन कॉर्डिनेटर उत्कर्ष गर्ग ने कहा कि निर्दोश पशुओं को हमेशा गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ता है। कम आयु में ही उनकी मौत हो जाती है। उन्होंने देशी कुत्तों को गोद लेने की अपील की।