चंडीगढ़। रॉक गार्डन के पीछे जंगल में पेड़ों के लगातार सूखने को लेकर अमर उजाला में प्रकाशित खबर ‘पेड़ों का कब्रिस्तान’ का असर देखने को मिला है। चंडीगढ़ के मेयर कुलदीप कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य वन संरक्षक को पत्र लिखा है।
अमर उजाला ने सोमवार को रिपोर्ट प्रकाशित की थी कि किस प्रकार पंजाब की तरफ से आने वाले सीवर के गंदे पानी की वजह से रॉक गार्डन के पीछे जंगल का पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। इस गंदे पानी में मौजूद केमिकल और विषैले तत्वों के कारण पेड़ तेजी से सूख रहे हैं और वनस्पति को भारी नुकसान हो रहा है।
मेयर कुलदीप कुमार ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई जरूरी है। उन्होंने मंगलवार को मुख्य वन संरक्षक टीसी नौटियाल से इस विषय की विस्तार से जांच, त्वरित कार्रवाई करने व समाधान निकालने को लेकर पत्र लिखा है।
कुलदीप कुमार ने कहा कि रॉक गार्डन चंडीगढ़ की पहचान है और इसके आसपास के जंगल इस क्षेत्र की जैव विविधता को संजोए हुए हैं। ऐसे में पंजाब से आ रहे सीवर के गंदे पानी की रोकथाम करना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याएं उत्पन्न न हों। कहा कि यदि इस समस्या का समाधान शीघ्र नहीं निकाला गया तो आने वाले वर्षों में चंडीगढ़ के इस महत्वपूर्ण हरित क्षेत्र को भारी क्षति हो सकती है। स्थानीय निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों ने भी इस विषय पर चिंता जाहिर की है और प्रशासन से शीघ्र कदम उठाने की अपील की है।