इसके अलावा ऐसे निजी ऑपरेटरों के बारे में भी शिकायतें मिली हैं, जिन्हें खास रूटों के साथ-साथ बसों के टाइमटेबल में वह समय अलॉट किए गए हैं, जब सवारियों की संख्या बहुत अधिक रहती है। हालांकि इन शिकायतों की जांच करते हुए विभाग ने अपने कई अफसरों और बस अड्डे पर तैनात मुलाजिमों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
पंजाब सरकार ने सूबे की सड़कों पर दौड़ रही निजी ऑपरेटरों की बसों पर एक बार फिर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस बार ट्रांसपोर्ट विभाग ने सभी आरटीए से निजी ऑपरेटरों को जारी परमिटों का लेखाजोखा उपलब्ध कराने को कहा है। हालांकि विभाग का दावा है कि इन परमिटों की जांच कर अनियमितताओं का पता लगाया जाएगा लेकिन माना जा रहा है कि इसके जरिये विभाग नेताओं की बसों पर लगाम लगाने की तैयारी में है।
निजी ऑपरेटर परमिटों की फोटोकॉपी से चला रहे बसें
ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि निजी बसों को अलॉट छोटे व लंबी दूरी के परमिटों की जांच का फैसला हाल ही में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में लिया गया था। यह बैठक छोटे व ग्रामीण रूटों पर युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के मुद्दे पर बुलाई गई थी।
बैठक में 10-20 गांवों के लिए निजी बसों को जारी परमिटों के बारे में चर्चा हुई, जिसमें यह बात सामने आई की कई निजी ऑपरेटर अवैध परमिटों पर और कई परमिटों की फोटोकॉपी के जरिये ही बसें चला रहे हैं, जिससे राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने न सिर्फ ट्रांसपोर्ट विभाग बल्कि राज्य पुलिस को भी ऐसे बस ऑपरेटरों के खिलाफ 420 के तहत केस दर्ज करने को कहा था। भुल्लर ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा लिए फैसले के आधार पर अब ट्रांसपोर्ट विभाग ने सभी परमिटों की जांच का फैसला लिया है।