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चंडीगढ़ः धनतेरस में बाजार से गायब रहा मैजिक फैक्टर, खरीददारी में दिखा मिला-जुला असर

Tue, 06 Nov 2018 09:23 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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खरीददारी करती महिलाएं
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धनतेरस पर बाजार एक खास मैजिक फैक्टर की उम्मीद कर रहा था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। ‘लक्ष्मी’ की प्रतीक्षा में बैठा बाजार अबकी बार फिर ठंडा ही रह गया। धनतेरस पर भीड़ तो उमड़ी, लेकिन कारोबार नरम रहा। ट्राइसिटी के बाजार में जो ग्राहक उमड़े भी तो सिर्फ ज्वेलरी, बर्तन और कपड़ों के साथ सजावट के शोरूम में। आर्थिक जानकारों की मानें तो ट्राइसिटी का कारोबार औसतन सौ करोड़ तक ही रह गया।

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चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित ऑटोमोबाइल के शोरूम में ज्यादा भीड़ देखने को नहीं मिली। डिलीवरी तो हुई पर उन कारों की जिनकी बुकिंग पहले से थी। एक कार कंपनी के मार्केटिंग अधिकारी उमेश शर्मा ने बताया कि धनतेरस पर छोटी कारों की डिमांड ज्यादा रही। पहले लोग अपनी पुरानी कारों को चेंज करते थे और अबकी बार ऐसा नहीं हुआ।

लोगों ने सिर्फ नई कारों को खरीदा। ट्राइसिटी में छोटी कारों की आठ कंपनियां हैं। एक कार कंपनी की औसतन पचास कारों की सेल ही हुई। ऐसी स्थिति में चार सौ कारों की सेल का अनुमान है। एक कार कंपनी के मार्केटिंग अधिकारी सुधीर ने बताया कि चंडीगढ़ में कारों के प्रति क्रेज है, लेकिन अबकी दिवाली में ऐसा कुछ नहीं दिखाई दिया।

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बर्तन की दुकान में जुटे ग्राहक
ऑटोमोबाइल सेक्टर के एक्सपर्ट राजेश पंत ने बताया कि पिछली बार की अपेक्षा कार बाजार में औसतन 20 से 30 फीसदी तक गिरावट रही। पांच से दस लाख रुपये तक की कारों की सेल रही, जबकि लग्जरी कारों की मार्केट भी 50 फीसदी डाउन ही रही। चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के ऑटो डीलर्स का हाल बेहाल रहा।

पिछली बार से आधा रह गया कारोबार
सेक्टर-19 के घड़ी विक्रेता बलजीत सिंह ने बताया कि धनतेरस पर मार्केट में ज्यादा ग्राहक नहीं दिखाई दिए। पिछले धनतेरस पर बाजार में कारोबार 30 फीसदी तक घटा था जबकि अबकी बार कारोबार में औसतन 50 फीसदी तक गिरावट दर्ज की जा रही है।

अबकी ज्वेलरी का बाजार रहा गुलजार
चंडीगढ़ सेक्टर-8 के मलिक ज्वेलर्स के मालिक बाल किशन मलिक ने बताया कि चंडीगढ़ में ज्वेलरी का बाजार अबकी बार गुलजार रहा। सर्राफा बाजार और दूसरी मार्केट में अंतर है। सर्राफा बाजार में लोग इनवेस्टमेंट करते हैं, जबकि अन्य बाजार में इनवेस्टमेंट नहीं होती है। यदि पिछली बार के सोने के कारोबार की बात करें तो यह औसतन साठ करोड़ था जबकि अबकी बार सोने का कारोबार 10 फीसदी तक गिर गया। चंडीगढ़ सेक्टर-23 के एक ज्वेलर ने बताया कि अबकी बार ट्राइसिटी में औसतन 55 करोड़ तक का कारोबार होने का अनुमान है। इसमें भी ज्यादा सेल सिक्कों की रही। ज्वेलर मनोज अग्रवाल ने बताया कि ट्राइसिटी में सोने का कारोबार औसत रहा।
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सजावट की ओर रहा सभी का ध्यान

बर्तन की खरीददारी करती महिला
अबकी बार सजावट की ओर सबका ज्यादा ध्यान रहा। सेक्टर-18 की इलेक्ट्रानिक्स मार्केट को ग्राहकों का अच्छा रिस्पांस मिला। यहां लड़ियां, एलईडी लाइट्स को खरीदने का ज्यादा क्रेज दिखाई दिया। यहां लाइट खरीदने आए रवि कुमार ने बताया कि दिवाली रोशनी का त्योहार है और इसीलिए वे लड़ियां खरीद रहे हैं। अपने जीरकपुर के घर को वे लड़ियों से खूब सजाएंगे।
 
फ्रिज और एलईडी की मार्केट में क्रेज
चंडीगढ़ सेक्टर-35 स्थित पारस इलेक्ट्रानिक्स के संजय मेहता ने कहा कि ट्राइसिटी में दीपावली के दौरान एलईडी और फ्रिज का काफी ज्यादा क्रेज रहता है। लोग दिवाली के समय ही उसको बदलते हैं। इसी वजह से मार्केट की स्थिति औसत रही। एक्सपर्ट के अनुसार ट्राइसिटी में औसतन 20 करोड़ के कारोबार का अनुमान है।

बाजार में कारोबार का रहा एकदम बेहाल  
चंडीगढ़ सेक्टर-22 के दुकानदार सुनील कथूरिया ने बताया कि इस बार बाजार में कारोबार का हाल बेहाल ही रहा। धनतेरस की शॉपिंग तो तीन से चार दिन पहले से ही शुरू हो जाती है। इस बार ऐसा नहीं है। धनतेरस वाले दिन भी शॉपिंग एकदम ठंडी ही रही। इसकी एक वजह यह भी है कि ग्राहक अब ज्यादा समझदार हो चुके हैं और उनकी शॉपिंग आवश्यकता के अनुरूप होती है। वे अनावश्यक पैसा नहीं खर्च करते हैं।
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