कोरोना के कारण अस्पतालों की बंद हुई ओपीडी से परेशान मरीजों को आराम देने के लिए शुरू किए गए टेली कंसल्टेशन सर्विस का भी कोई खास लाभ नहीं मिल रहा है। पीजीआई द्वारा संचालित टेलीकंसल्टेशन सर्विस में लगातार मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण ज्यादातर मरीजों के कॉल नहीं लग पा रहे हैं। जिसके कारण वह अपना पंजीकरण नहीं करा पा रहे हैं।
ऐसी स्थिति में सैकड़ों मरीज अपना नंबर आने का हफ्तों से इंतजार कर रहे हैं। मरीजों का कहना है कि ओपीडी बंद होने के कारण हजारों मरीजों का इलाज बाधित है। ऐसी स्थिति में अगर टेलीकंसल्टेशन सर्विस का संचालन किया जा रहा है तो उसके टेलीफोन नंबरों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए जिससे कॉल करने पर मरीज को ज्यादा परेशान ना होना पड़े।
27 अगस्त से लगा रहा हूं कॉल
चंडीगढ़ निवासी सुरेश मौर्य ने बताया कि 27 अगस्त से लगातार पीजीआई के एडवांस आई सेंटर के नंबर पर कॉल कर रहे हैं। लेकिन उनका नंबर नहीं लग पा रहा। सुरेश ने बताया कि उनकी माता का पिछले 2 सालों से पीजीआई में इलाज चल रहा है। कोरोना के कारण ओपीडी सेवा बंद होने से फॉलोअप की प्रक्रिया बाधित हो गई है।
फरवरी में दिखाने पर डॉक्टर ने बताया था कि उनकी दवाइयां बदलनी होंगी। लेकिन उसके बाद से डॉक्टर से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। मजबूरन उन्हें अब भी वही दवाएं दी जा रही हैं ।सुरेश का कहना है कि मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए पीजीआई प्रशासन को टेली कंसल्टेशन सर्विस को और विस्तारित करना चाहिए ताकि मरीजों को समय पर सही परामर्श मिल सके।