सरकारी अस्पतालों में कोरोना संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ने के कारण लोग निजी लैब को ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं। सेक्टर-11 और सेक्टर-16 स्थित निजी लैब के कर्मचारियों का कहना है कि पिछले 3 महीने में उनके यहां शुगर की जांच दोगुनी हो गई है। वहीं जांच कराने आने वाले लोगों का भी कहना है कि उन्हें सरकारी के बजाय निजी लैब में जांच कराना ज्यादा सुरक्षित लग रहा है।
ग्लूकोमीटर की बढ़ी डिमांड
कोरोना के कारण ज्यादातर लोग शुगर न होने के बावजूद जांचने के लिए ग्लूकोमीटर खरीदकर अपने घर में रखने लगे हैं। चंडीगढ़ केमिस्ट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अमरजीत सिंह का कहना है कि कोरोना काल में सबसे ज्यादा पर्सनल हेल्थ से जुड़ी चीजों की डिमांड बढ़ी है, जिसमें पल्स ऑक्सीमीटर, ग्लूकोमीटर, थर्मामीटर जैसे उपकरण सबसे ज्यादा डिमांड में है। वहीं लोगों की डिमांड को देखते हुए कंपनियों ने इस पर ऑनलाइन ऑफर भी देना शुरू कर दिया है। 1500 वाले ग्लूकोमीटर 600 रुपये की रेंज में उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
शुगर से बचाव के उपाय
- पौष्टिक खाना खाएं और शारीरिक मेहनत करें।
- वजन नियंत्रण में रखें और नियमित रूप से टहलें। हो सके तो हल्का-फुल्का व्यायाम करें।
- नियमित रूप से डॉक्टर से जांच करवाते रहें।
- तनाव न लें और आउटडोर गतिविधियां ज्यादा करें।