भारतीय महिला हॉकी टीम की जीत पर जश्न मनाते गुरजीत कौर के परिजन।
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पंजाब के अमृतसर जिले में स्थित गांव मियादी कलां में हर तरफ खुशी का माहौल है। भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी गुरजीत कौर का यह गांव है। गुरजीत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टोक्यो ओलंपिक में गोल दागकर टीम को जीत दिलाई तो घर में बधाई देने वालों का तांता लग गया। गुरजीत के पिता श्री आनंदपुर साहिब में माथा टेककर वाहेगुरु का शुक्र करते हुए इसे उनका आशीर्वाद बता रहे हैं। वहीं मां हरजिंदर कौर और दादी दर्शन कौर अपनी बेटी के प्रदर्शन से बेहद खुश हैं।
पिता सतनाम सिंह ने अपनी बेटियों को खेत में डंडे से हॉकी खेलते देखा था। इसी के बाद उन्होंने बेटियों को हॉकी के मैदान में ले जाने का फैसला किया। वह कभी साइकिल पर तो कभी बाइक से गुरजीत और बड़ी बेटी प्रदीप कौर को मैदान में लेकर जाते थे। गुरजीत ने शुरुआती पढ़ाई गांव के पास एक निजी स्कूल से की। इसके बाद तरनतारन जिले के कैंरो गांव के एक बोर्डिंग स्कूल में दाखिला लिया।
यहीं से हॉकी की शुरुआत हुई और उन्हें छात्रवृति भी मिली। इसके बाद गुरजीत कौर ने जालंधर के लायलपुर खालसा कॉलेज में बीए में दाखिला लिया। वहां लगातार पांच साल तक कॉलेज की अकादमी की ओर से खेला। इस दौरान उनका चयन भारतीय हॉकी टीम में हुआ।
दादी दर्शन कौर ने कहा कि उनकी पोती की मेहनत को पूरा देश देख रहा है। भारतीय महिला टीम ने तीन बार हॉकी ओलंपिक विजेता टीम ऑस्ट्रेलिया को पराजित कर पहली बार सेमीफाइनल में कदम रखकर इतिहास रचा है। इस मैच में उनकी बेटी गुरजीत कौर ने एकमात्र विजयी गोल किया। मियादी कलां गांव के सरपंच दिलबाज सिंह का कहना है कि गांव की बेटी की उपलब्धि पर मिठाई बंट रही है।
बढ़िया प्रदर्शन करने वालों को दी बधाई
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की प्रधान बीबी जागीर कौर ने ओलंपिक में बढ़िया प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम ने सेमीफाइनल में जगह बनाई है। इसमें पंजाब के खिलाड़ियों का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने बैडमिंटन में पीवी सिंधू के कांस्य पदक जीतने और डिस्कस थ्रो में कमलप्रीत कौर की उपलब्धियों की भी सराहना की।