सीएम मनोहरलाल खट्टर ने कनीना रैली में कहा कि अब 60 प्रतिशत विकलांग व्यक्ति को भी 1200 रुपये प्रति माह पेंशन मिलेगी। अब तक प्रदेश में 70 प्रतिशत या उससे अधिक विकलांग व्यक्ति को ही पेंशन दी जाती है।
सीएम ने कहा कि अब विकलांगों को प्रमाण पत्र बनाने में भी परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने रेवाड़ी-महेंद्रगढ़-झज्जर सीमा पर एक सैनिक स्कूल खोलने की भी घोषणा की। यह स्कूल भिवानी, महेंद्रगढ़ या रेवाड़ी किसी भी जिले में खोला जा सकता है।
सीएम ने कहा कि विकलांगता प्रमाण पत्र बनाने में आने वाली दिक्कतों को देखते हुए व्यवस्था की जा रही है कि विकलांगता मेडिकल प्रमाण पत्र के लिए समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में चिकित्सक का इंतजाम कर दिया जाएगा।
यदि विकलांग जन्मजात है या एक साल पहले किसी हादसे में विकलांग हुआ है तथा उसकी विकलांगता एक साल पहले 60 प्रतिशत सिद्ध हुई है तो उसको एक साल पुरानी पेंशन भी दी जाएगी। कोई चिकित्सक या अधिकारी विकलांगता के लिए मेडिकल बनाने में कोताही बरतता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएम ने कहा कि जन्म, निवास, जाति प्रमाण पत्र आदि दोबारा बनवाने के लिए बार-बार पटवारी, सरपंच, नंबरदार आदि से तस्दीक करानी पड़ती थी। अब ऐसा सिस्टम बना रहे हैं कि दुबारा प्रमाण पत्र बनवाने के लिए इन सब प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़े। इसके लिए पूरे प्रदेश में सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं। जहां केवल दस रुपये देकर आधार कार्ड दिखा कोई भी इन प्रमाण पत्रों को बनवा सकता है।
महिला की व्यथा सुनकर की घोषणा
सीएम ने विकलांगों के लिए यह घोषणा रैली में गांव भड़फ की सुशीला की ओर से अपने दस साल के बच्चे गौरव का विकलांगता सर्टिफिकेट बनाने के लिए लगाई गई गुहार के बाद की। सुशीला को पुलिस वालों ने सीएम से नहीं मिलने दिया तो उसने और अन्य लोगों ने हूटिंग शुरू कर दी। यह देख सीएम ने सुशीला को स्टेज पर बुलवाया।