कुरुक्षेत्र में रोजाना करीब 80 रजिस्ट्रियां होती थी जबकि हड़ताल के कारण 30 रजिस्ट्रियां हो पाईं। करनाल में जहां रोजाना 70 के करीब रजिस्ट्रियां होती हैं बुधवार को मात्र 50 रजिस्ट्रियां हो सकीं। अंबाला में पहले दिन हड़ताल का असर नहीं दिखा। यहां 106 रजिस्ट्रियां हुईं। यमुनानगर में पहले दिन सभी कार्य सुचारू रूप से जारी रहे।
| जिला |
कानूनगो |
पटवारी |
| हिसार |
15 |
132 |
| चरखी दादरी |
10 |
49 |
| भिवानी |
18 |
104 |
| फतेहाबाद |
21 |
66 |
| सिरसा |
26 |
69 |
| रोहतक |
|
|
| जींद |
|
|
| रेवाड़ी |
16 |
67 |
| सोनीपत |
|
|
| महेंद्रगढ़ |
16 |
55 |
| झज्जर |
|
|
| करनाल |
17 |
57 |
| कैथल |
15 |
80 |
| यमुनानगर |
15 |
34 |
| अंबाला |
14 |
38 |
| कुरुक्षेत्र |
09 |
62 |
| पानीपत |
13 |
51 |
हरियाणा में इस समय पटवारियों के 2691 स्वीकृत पद हैं, जबकि 886 नए पद प्रस्तावित हैं। इनके मुकाबले में 1400 पटवारी ही तैनात हैं। हिसार, जींद, भिवानी, करनाल और फतेहाबाद में तो एक एक पटवारी के पास कई सर्कल की जिम्मेदारी है। खाली पदों को भरा जाएगा और वेतन बढ़ोत्तरी 2016 से लागू की जाए। अगर पांच जनवरी तक सरकार ने इस पर संज्ञान नहीं लिया तो हड़ताल और आगे बढ़ाई जाएगी। - जयबीर चहल, राज्य प्रधान, पटवारी एसोसिएशन।