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डेंगू बेकाबू: स्वास्थ्य विभाग का दावा- 300 गुना ज्यादा जागरूकता कार्यक्रम चला, हकीकत- मरीजों को बेड तक नहीं मिल रहे

Thu, 28 Oct 2021 11:31 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ में जिस रफ्तार से डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, उसने सरकारी जागरूकता के दावों की पोल खोल दी है। स्वास्थ्य विभाग सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ा रहा है। लोगों को पता ही नहीं चल पा रहा है कि उनके क्षेत्र में कब फॉगिंग की जा रही है।
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चंडीगढ़ में बढ़ रहा डेंगू का प्रकोप। - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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कोरोना से अभी पीछा छूटा नहीं कि चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में डेंगू ने कहर बरपा दिया। पंचकूला में 519, मोहाली में सबसे ज्यादा 2276 जबकि चंडीगढ़ में 696 केस अब तक आ चुके हैं। अस्पतालों में हालत यह है कि मरीजों के लिए बेड तक उपलब्ध नहीं हैं। कई जगह स्ट्रेचर पर इलाज चल रहा है। दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि पिछले वर्षों की तुलना में 300 गुना ज्यादा राहत व बचाव कार्य किए गए हैं। हालांकि उसका दावा हकीकत के आइने में चकनाचूर नजर आता है।
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चंडीगढ़ में जिस रफ्तार से डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, उसने सरकारी जागरूकता के दावों की पोल खोल दी है। स्वास्थ्य विभाग सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ा रहा है। लोगों को पता ही नहीं चल पा रहा है कि उनके क्षेत्र में कब फॉगिंग की जा रही है, कहां कीटनाशक का छिड़काव हुआ है। कहीं कहीं से यह भी शिकायत है कि कीटनाशक के नाम पर पानी छिड़का जा रहा है। इन सबसे बेपरवाह विभाग अपनी फाइलें मोटी करने में जुटा हुआ है। विभाग ने कागजों में पिछले साल से 300 सौ गुना ज्यादा कार्य कर दिए, लेकिन सच्चाई यह है कि मच्छरों पर उसका असर तक नहीं हुआ। 
 
सरकारी दावे उड़नछू
डेंगू से बचाव के नाम पर सिर्फ कागजी दावे पेश किए जा रहे हैं। फॉगिंग के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर पर कॉल उठता नहीं, शिकायत किससे की जाए, यह समझ नहीं आ रहा। मलेरिया विभाग केवल फाइल मोटी करने में जुटा हुआ है। अगर वास्तविकता की पड़ताल हो जाए तो सब दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। -मोहित अटवाल, धनास
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बेड फुल, स्ट्रेचर पर मरीज
स्वास्थ्य विभाग डेंगू से बचाव की बात कर रहा है लेकिन स्थिति दयनीय है। अस्पतालों में मरीज स्ट्रेचर पर भर्ती हैं। इलाज के नाम पर उन्हें भर्ती कर खानापूर्ति की जा रही है। फॉगिंग और कीटनाशक के छिड़काव की हकीकत यह है कि उसमें कीटनाशक की गंध भी पता नहीं चल रही है। ऐसे राहत और बचाव कार्य का क्या फायदा।    -रवि राणा, सेक्टर 52

कई गुना ज्यादा कार्रवाई का दावा
साल        नोटिस        कारण बताओ         चालान     
2020        5365            247                  106 
2021        7594            326                  434    

(2020 की तुलना में 2021 में क्रमश: 41, 32 और 309 प्रतिशत ज्यादा कार्रवाई हुई हैं अब तक )

एक नजर
कागजी दावों की लिस्ट थोड़ी लंबी है  (2021 में)
चालान- 434
नोटिस- 7594
कारण बताओ नोटिस- 326
घरों का दौरा- 578833
कूलर की जांच- 143127
कंटेनर की जांच- 856812
ओवरहेड टैंक की जांच- 380105
फ्रिज के ट्रे की जांच- 12763
टायर की जांच- 38694
 
आंकड़े स्थिति कर रहे बयां
साल        डेंगू के मरीज

2017        1951
2018        301
2019        286
2020        265
2021        696

डेंगू से बचाव के लिए प्रत्येक स्तर पर बचाव कार्य किया जा रहा है। मरीजों को भर्ती कर इलाज की सुविधा भी सभी अस्पतालों में उपलब्ध है। - डॉ. सुमन सिंह, निदेशक स्वास्थ्य 

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