सोनीपत में पैसेंजर ट्रेन डीरेल होने से बची
अंबाला-दिल्ली ट्रैक के बीच कानपुर जैसा ट्रेन हादसा होने से बच गया। लाइनमैन की सूझबूझ ने हजारों जानें बचा लीं। घटना सोनीपत की है। रेलवे स्टेशन पर वीरवार सुबह उस समय बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर मालगोदाम के नजदीक ट्रैक का एक 3 फुट का टुकड़ा ठंड के चलते क्रेक हो गया।
गनीमत ये रही कि जब तक सोनीपत रेलवे स्टेशन से कुरुक्षेत्र-दिल्ली पैसेंजर चल पाती तभी लाइनमैन रविन्द्र ने सूझबूझ का परिचय देते हुए ट्रेक में दरार आने की सूचना स्टेशन मास्टर को तुरंत दे दी और पैसेंजर गाड़ी को भी करीब सवा घंटा तक खड़े रखा। जिससे बड़ा हादसा होने से पहले टाल दिया गया। गाड़ी संख्या 64452 कुरूक्षेत्र-दिल्ली जं. पैसेंजर ट्रेनरोजाना की तरह गुरुवार को अंबाला-दिल्ली रेलमार्ग पर चल रही थी।
सोनीपत रेलवे स्टेशन पर यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से 34 मिनट देरी से 8:46 बजे पहुंची थी। अगले एक मिनट बाद जब ट्रेन को सोनीपत रेलवे स्टेशन से दिल्ली की तरफ रवाना करने की तैयारी थी तो उसी लाइन को चैक कर रहे लाइन मैन रविंद्र की नजर कै्रक हुई पटरी पर पड़ गई। तभी उसने इंसानियत को समझते हुए सजगता के चलते क्रैक हुई लाइन की सूचना स्टेशन मास्टर को दी।
इस दौरान लाइनमैन रविंद्र की सूझबूझ के चलते हजारों जिंदगियां बच गई। अन्यथा उस समय लाइन मैन न होते होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
लाइन को ठीक करने के लिए 38 मिनट तक खड़ी रखी ट्रेन
सोनीपत में पैसेंजर ट्रेन डीरेल होने से बची
हादसा टलने के बाद रेलवे लाइन को ठीक करने के लिए 38 मिनट तक गाड़ी संख्या 64452 कुरूक्षेत्र-दिल्ली जं. पैसेंजर ट्रेन को सोनीपत रेलवे स्टेशन पर खड़ा रखा गया। इस दौरान अंबाला की तरफ से आने वाली सभी गाडिय़ों को प्लेटफार्म नं. 2 व 3 से गुजारा गया। रेल कर्मियों ने 38 मिनट में अस्थाई रूप से लाइन को चालू कर आधा घंटा देरी से खड़ी केडीएम पैसेंजर को सुबह 9:24 बजे दिल्ली की तरफ रवाना किया गया।
पैसेंजर गाड़ी के प्रभावित होने से यात्री रहे परेशान
ट्रेक में क्रेक मिलने पर पैसेंजर गाड़ी के प्रभावित होने से रेलयात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पैसेंजर ट्रेन में सवार दैनिक यात्री उतरकर अंबाला की ओर से आ रहे अन्य ट्रेनों में मजबूरी में सवार होना पड़ा।
गाड़ी को रवाना करने के बाद 20 फुट के टुकड़े को जोड़ा
गाड़ी संख्या 64452 कुरूक्षेत्र-दिल्ली जं. पैसेंजर ट्रेन के जाने के बाद रेल कर्मचारी स्थाई रूप से लाइन को ठीक करने के लिए दोपहर बाद तक लगे रहे। दो लाइनों को आपस में जोडऩे वाले ज्वाइंट से करीब 3 फुट का टुकड़ा पूरी तरह से क्रैक हो गया था।
उस टुकड़ा को हटाकर वहां पर करीब 20 फुट का टुकड़ा डाला गया। रेलवे लाइन को ठीक करने के लिए रेलवे कर्मचारी गुरुवार दोपहर बाद तक जुटे रहे। ट्रैक ठीक होने के बाद ट्रेनों का अवागमन फिर से सुचारू रूप से शुरू हो गया है।
सुबह जब केडीएम पैसेंजर प्लेटफॉर्म नं. 1 पर खड़ी थी, तभी रविंद्र की-मैन ने ट्रैक में दरार देखी और इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी। जिसके बाद हादसा होते होते बच गया।
- विजय सिंह, स्टेशन अधीक्षक, सोनीपत