फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CTU के ड्राइवर-कंडक्टर का कारनामा: सवारी के लिए नहीं खोला गेट, दौड़ा दी बस, दो किमी. तक लटका रहा युवक

Fri, 18 Oct 2024 04:00 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ में सवारी की जान से खिलवाड़ हो रहा है। सीटीयू की बस से एक व्यक्ति लटकता हुआ सफर कर रहा है और चालक बस रोकने के बजाए दौड़ा रहा है। व्यक्ति बस रोकने की गुहार लगा रहा है, लेकिन बस की लेडी कंडक्टर भी बस रोकने के लिए मना कर रही है।
विज्ञापन
सीटीयू की बस के बाहर लटका युवक। - फोटो : वीडियो ग्रैब
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) के एक कंडक्टर और ड्राइवर की वजह से एक सवारी की जान खतरे में पड़ गई। कंडक्टर ने गेट नहीं खोला तो एक यात्री दरवाजे पर लटक गया। बस रोकने की बजाय ड्राइवर ने भी बस चला दी। युवक करीब दो किलोमीटर तक लटका रहा। हद तो तब हो गई बस रोकने की बजाय महिला कंडक्टर वीडियो बनाती रही। व्यक्ति गेट खोलने की मांग करता रहा, गेट नहीं खोला। घटना की वीडियो भी वायरल हो गई है।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार वीडियो 7 अक्तूबर की है, लेकिन वीरवार को सीटीयू के व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल हुआ। बताया जा रहा है कि बस डिपो नंबर-2 की है। वीडियो हल्लोमाजरा से ट्रिब्यून चौक की तरफ जाने वाले रूट की है। इसमें देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति गेट पर लटका हुआ है और वो महिला कंडक्टर से बात कर रहा कि वो कह रहा है कि गेट खोल दो, लेकिन महिला कंडक्टर यह कहते हुए सुनाई दे रही है कि गेट नहीं खुलेगा, व्यक्ति अपने डिपार्टमेंट का नाम बताए। इस दौरान बस हल्लोमाजरा के चौक से गुजर रही होती है। लटका हुआ व्यक्ति कहता है कि उसे उतार दो, लेकिन महिला कंडक्टर कहती हैं कि बस को जाने दो, ट्रैफिक पुलिस वालों के पास ही रोकना। 

बस स्टॉप पर नहीं रोकी बस

व्यक्ति कहता है कि स्टॉप पर बस क्यों नहीं रोका। महिला कंडक्टर कहती हैं कि बस भरी हुई है, क्यों रोकें। लटके हुए व्यक्ति की वीडियो भी कंडक्टर ने बनाई है। दोनों में काफी देर तक बहस चलती रही। व्यक्ति बस रोकने या उसे अंदर लेने की बात कहता रहा, लेकिन इस दौरान ड्राइवर बस को दौड़ाता रहा।

विज्ञापन


ड्राइवर और कंडक्टर की गलती

सीटीयू के कई कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इसमें ड्राइवर और कंडक्टर की गलती है। अगर व्यक्ति चलती बस से गिर जाता तो उसकी जान भी जा सकती थी। गेट पर लटके व्यक्ति के साथ बस को दौड़ाया नहीं जा सकता। यह बहुत बड़ी गलती है। उन्होंने कहा कि ड्राइवर-कंडक्टर को बस रोककर सवारी को अंदर लेना चाहिए था।
विज्ञापन

ड्राइवर-कंडक्टरों का नहीं होता रिफ्रेशर कोर्स

सीटीयू के कंडक्टर और ड्राइवरों के लिए पिछले कई वर्षों से रिफ्रेशर कोर्स नहीं हुआ है जबकि यह बहुत महत्वपूर्ण कोर्स होता है। यह कोर्स उन्हें अपने कौशल को अपडेट करने, यातायात नियमों की ताजा जानकारी हासिल करने और सेवा में सुधार के लिए नई तकनीकों को समझने का अवसर देता है। रिफ्रेशर कोर्स नियमित रूप से नहीं होने की वजह से यात्रियों की सुरक्षा और सीटीयू सेवा की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। इस तरह के कोर्स से ड्राइवरों और कंडक्टरों की दक्षता में सुधार होता है और वे यात्री सुरक्षा, समय प्रबंधन और आपातकालीन स्थितियों से निपटने में अधिक सक्षम हो सकते हैं।

क्या बोले अधिकारी

नागरिकों की सुरक्षा के साथ समझौता बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। वीडियो को वेरीफाई कर संबंधित कर्मचारियों पर नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। - प्रद्युमन सिंह, निदेशक, परिवहन विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें