पीएम नरेंद्र मोदी, प्रकाश सिंह बादल (मध्य में) और सुखबीर सिंह बादल।
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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का चंडीगढ़ और शहर के कार्यकर्ताओं से भी गहरा नाता था। बड़े बादल के निधन की खबर सुनकर शहर में उनके चाहने वालों में शोक की लहर है। सीसीपीसीआर की चेयरपर्सन एवं चंडीगढ़ से एसजीपीसी सदस्य व नगर निगम की पूर्व मेयर हरजिंदर कौर ने बताया कि बादल साहब समय के बहुत ही पाबंद थे। किसी भी कार्यक्रम में वह कभी लेट नहीं पहुंचे। वह कभी किसी पर गुस्सा नहीं होते थे। लोगों से मिलने के लिए सुबह सात बजे ही तैयार हो जाते थे।
आज के समय में ऐसा नेता मिलना मुश्किल है। बकौल हरजिंदर उनके चुनाव में जब भी मैं प्रचार के लिए गई तो उन्होंने बेटी जैसा व्यवहार रखा। जब मैं चंडीगढ़ की मेयर बनी तो बादल ने कहा कि लड़कियों की नौकरी के लिए कुछ सोचना। वह बेटियों के प्रति हमेशा चिंतित रहते थे। वह पंजाब और पंजाबियत के लिए जिए। उन्होंने पंजाब की राजनीति का बुरा दौर भी देखा और संघर्ष किया।
वहीं, शिअद चंडीगढ़ के अध्यक्ष हरदीप सिंह ने बताया कि उनके पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल से पारिवारिक रिश्ते थे। पिता गुरनाम सिंह 2006 में जब नगर निगम का चुनाव लड़ रहे थे तो प्रचार के लिए आए थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं और लोगों के बीच प्रचार किया। हरदीप सिंह बताया कि उनके पिता का निधन हुआ तो उन्हें प्रकाश बादल ने विशेष तौर पर फोन कर हौसला दिया। वह इस पल को नहीं भुला सकते।