फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपने ही जिगर के टुकड़े के साथ मां-बाप ऐसा कैसे कर सकते हैं, सिहर उठेंगे खबर पढ़कर

Mon, 04 Jun 2018 10:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सुल्तानपुर लोधी(पंजाब)
विज्ञापन
daughter hostage
विज्ञापन
बच्चे भगवान का रूप होते हैं, लेकिन यहां एक मां-बाप ने अपने ही 'जिगर के टुकड़े' के साथ ऐसा सुलूक किया, जानकर आप सिहर उठेंगे। घटना पंजाब के सुल्तानपुर लोधी की है। एक मां बाप ने अपनी विवाहित लड़की को लगभग 8 साल तक एक बंद कमरे में बंद रखा। मामला निजी होने के कारण किसी ने इसमें दखल नहीं दी।
विज्ञापन


आखिरकार मोहल्ले की एक लड़की भावना शर्मा ने इंसानियत के तौर पर एक गैर सरकारी संस्था वुमन वेलफेयर एसोसिएशन को सूचना दी। जिस पर पदाधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए थाना सुल्तानपुर पुलिस को इसकी सूचना दी। वुमन वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव कंचन शर्मा ने बताया कि मंगलवार को उन्हें जानकारी मिली के एक लड़की कई वर्षों से घर में कैद है। मौके पर घर के ऊपर बने चौबारे पर देखा कि एक लड़की कमरे में दयनीय हालत में है। इतने वर्षों से कमरे में कैद होने के कारण वह मानसिक स्थिति खो चुकी थी।

उसकी हालत इतनी खराब थी कि वह चलने में असमर्थ थी। लगातार एक ही जगह पर लेटे रहने के कारण पीठ पर भी संक्रमण हो गया था। हाथों के नाखून भी काफी बड़े थे, बाजुओं और टांगों पर गहरे जख्म थे। लड़की को मुश्किल से एंबुलेंस में सरकारी अस्पताल सुल्तानपुर लोधी में दाखिल करवाया गया है। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे कपूरथला के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जरूरत पड़ी तो कानून का सहारा लेंगे: भावना

daughter hostage
एसोसिएशन की ब्लॉक प्रेसिडेंट भावना शर्मा ने बताया कि फिलहाल वह लड़की के स्वास्थ्य पर ध्यान दे रहे हैं। स्वास्थ्य ठीक होने के बाद उसके अभिभावकों से पूरा मामला समझा जाएगा। इसके बाद जरूरत पड़ी तो कानून का सहारा लिया जाएगा।

वहीं लड़की के मां-बाप ने बताया कि तकरीबन 9 वर्ष पहले बेटी की शादी की थी। शादी के बाद इसे एक लड़का हुआ था जो ससुराल पक्ष के पास है। लड़की की मां ने भरी आंखों से बताया कि उनकी बेटी को ससुराल पक्ष के लोग नहीं ले गए तो इसकी मानसिक हालत खराब हो गई।

वह इसका इलाज कराने में असमर्थ थे। लोक लाज के कारण उसे वह घर से बाहर नहीं ले जाते थे। लेकिन सस्था के प्रयासों से आज इतना हौसला मिला है के बेटी को अस्पताल में ले जा रहे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें