जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से जसिया में जाट महासम्मेलन कराया जा रहा है, जिसमें जाट आंदोलन कैसे चलाया जाए, इसको लेकर फैसला लिया जाएगा। शुक्रवार को जसिया सम्मेलन की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे जाट नेता यशपाल मलिक ने कहा कि, प्रदेश की भाजपा सरकार जाट समाज के साथ डबल गेम खेल रही है।
एक तरफ समाज को आरक्षण देने का भरोसा देती है, दूसरी तरफ भिवानी के रामबीर सैनी से आरक्षण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करवा देती है। उन्हें पता लगा है कि उक्त व्यक्ति चाहे सीधे तौर पर भाजपा या आरएसएस से नहीं जुड़ा, लेकिन कहीं न कहीं पार्टी से जुडे़ लोगों का रिश्तेदार है।
सरकार के रवैये से समाज में रोष है। जसिया में शनिवार को जाट आरक्षण संघर्ष समिति में पूरे प्रदेश से कार्यकारिणी सदस्य व समाज के लोग और मध्यप्रदेश, पंजाब, यूपी व राजस्थान की इकाई के पदाधिकारी भाग लेंगे।
8 सूत्री एजेंडे पर लेंगे हाथ उठाकर सहमति
मलिक ने बताया कि सम्मेलन में आठ सूत्री एजेंडा पास किया जाएगा। इसके लिए समाज के लोगों से सहमति ली जाएगी। आंदोलन कैसे चलाया जाए। इसमें धरना-प्रदर्शन, असहयोग आंदोलन, दिल्ली कूच सहित कई अन्य विकल्प भी हैं। अभी उन्हें उजागर नहीं किया जा सकता।