कोरोना की पहली और दूसरी लहर में जब हर कोई घरों में दुबका हुआ था तब चंडीगढ़ निवासी लाडी पन्नू ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया। इस नेक कार्य में परिवार के सदस्यों ने भी पूरा साथ दिया। परिवार के सदस्यों ने घर पर मास्क बनाना शुरू किया और पन्नू ने उन्हें जरूरतमंद तक पहुंचाया। वह पूरे परिवार के साथ इस कार्य को फिर से करने लिए भी तैयार हैं। पन्नू का कहना है कि जरूरत पड़ी तो वह अपने घर पर फिर नानक रसोई शुरू करेंगे।
पन्नू ने बताया कि जब पहला लॉकडाउन लगा तो लोगों की दिन रात मदद की। मां और दोनों छोटी बहनों ने घर पर मास्क तैयार करती थीं। पन्नू अपने पिता के साथ मास्क जरूरतमंद लोगों को निशुल्क बांटते थे। परिवार कपड़ों को पहले गर्म पानी में डेटॉल डालकर अच्छी तरह धोता था। सूखने के बाद फिर मास्क बनाता था, जिसे वह जरूरतमंदों तक पहुंचाते थे।
यदि किसी को राशन की आवश्यकता थी उसे मुहैया करवाया। दूसरे लॉकडाउन में छत पर ही लंगर की सेवा की। मां 20 से 25 लोगों के लिए कढ़ी चावल तैयार करती थीं, जिस वह जरूरतमंदों तक पहुंचाते थे।
मदद के लिए फिर से तैयार है युवा टीम
जब कोरोना की की पहली और दूसरी लहर चंडीगढ़ में आई तो युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मनोज लुबाना टीम के साथ सड़क पर उतरे। मास्क, पीपीई किट, ऑक्सीजन सिलिंडर, अस्पताल में बेड की व्यवस्था, ब्लड की व्यवस्था की।
हजारों प्रवासी कामगारों को टीम के सदस्यों के साथ मिलकर खाना खिलाया। बड़े अस्पतालों के सामने लाइन में लगकर भर्ती होने के लिए लोग घंटों इंतजार करते रहे। टीम ने मरीजों और परिचारकों को गाइड किया। बेड, बिस्तर और भोजन की व्यवस्था की। लुबाना ने कहा कि उनकी टीम तीसरी लहर के लिए तैयार है। उन्होंने एक हेल्पलाइन नंबर नंबर शुरू किया है, ताकि लोग मदद के लिए संपर्क कर सकें।