महज 1035 की आबादी वाले हरियाणा के एक छोटे से गांव दीवानखेड़ा की पंचायत ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ बड़े फैसले लिए हैं। सबसे खास है कि अगर कोई ग्रामीण बहू को बेटी बनाकर, बिना दहेज व बिना घूंघट के लाएगा उसको ग्राम पंचायत 11 हजार रुपये देकर सम्मानित करेगी। वीरवार को गांव के सरकारी स्कूल में ग्राम सभा हुई। जिसमें पूरा गांव शामिल हुआ।
इस मौके पर एसडीएम संगीता तेत्रवाल, तहसीलदार नौरंग दास, बीडीपीओ वेदपाल सहित, बिजली निगम के एसडीई मोहन लाल, ग्राम सचिव सुभाष सहित अन्य कई विभागों के अधिकारी तथा कर्मचारी मौजूद थे। सरपंच सुबेग सिंह ढिल्लों ने पंचायत की ओर से सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करते प्रस्ताव पारित किए।
बेटी बचाने के लिए कोख में कत्ल करने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने जैसा कड़ा प्रस्ताव पारित किया तो बेटी पढ़ाने में असमर्थ परिजनों की सहायता का वचन दिया। इसके साथ ही खिलाड़ियों की पौध तैयार करने, स्वच्छता, पर्यावरण बचाने के लिए भी प्रस्ताव पारित हुए।
लावारिस गायों के लिए अभियान चलाएगी पंचायत
जाट आरक्षण को लेकर सोनीपत में महापंचायत
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यहीं नहीं आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए भी पंचायत ने कदम बढ़ाया है। पंचायत लावारिस गाय को संभालने वाले की हरसंभव मदद करेगी। घरेलू हिंसा से महिलाओं को बचाने के लिए पंचायत ने तरकीब निकाली है। घर या गांव में झगड़ा न करने वाले लोगों को पंचायत अपने स्तर पर ही स्वतंत्रता तथा गणतंत्र दिवस पर सम्मानित करेगी।
बेशक पंचायत की इनकम कम है। जो प्रस्ताव पारित किए हैं, उनकी पूर्ति के लिए अगर मुझे जेब से खर्च करना पड़ा, तो पीछे नहीं हटूंगा।
- सुबेग सिंह ढिल्लो, सरपंच, गांव दीवानखेड़ा
बेटी बचाने, बेटी पढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण, खिलाड़ियों के लिए पंचायत ने जो प्रस्ताव पारित किए हैं, वे काबिले तारीफ हैं। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अन्य पंचायतों को ऐसे प्रस्तावों का अनुसरण करना चाहिए।
-संगीता तेत्रवाल, एसडीएम, डबवाली