गर्मी का सीजन शुरू होते ही मलेरिया ने दस्तक दे दी है। अब तक ओल्ड पंचकूला और कालका से मलेरिया के दो मरीजों में इसकी पुष्टि हो गई है। यहां पर स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया विंग की टीम ने फॉगिंग करवा दिया है। बता दें कि मादा एनाफिलिज के काटने से मलेरिया होता है। ये मच्छर रात को काटता है।
मलेरिया के लक्षण : ज्वर, कंपकंपी, जोड़ों में दर्द, उल्टी, रक्ताल्पता (रक्त विनाश से), मूत्र में हीमोग्लोबिन और दौरे। मलेरिया का सबसे आम लक्षण है अचानक तेज कंपकंपी के साथ शीत लगना, जिसके फौरन बाद ज्वर आता है। 4 से 6 घंटे के बाद ज्वर उतरता है और पसीना आता है।
बचाव के उपाय : गर्मियों में रोज कूलर में साफ पानी डाले, घर के आसपास पानी न जमा होने दें, अगर मैदान में पानी जमा हो जाए तो उसमें मिट्टी डालकर पटवा दें, सोते समय मच्छर दानी का प्रयोग करें। मच्छरों को दूर भगाने वाली क्रीम भी बाजार में मिल जाती है। बारिश के दिनों में पानी निकासी का उचित व्यवस्था रखें।
मलेरिया के हाई रिक्स जोन घोषित
- स्वास्थ्य विभाग ने ओल्ड पंचकूला, नाडा साहिब, बाल्दवाला, मोरनी, गनौली मलेरिया के लिए हाई रिस्क जोन घोषित किया
- एक मई से हाई रिस्क एरिया में स्वास्थ्य विभाग की ओर से करवाया जाएगा स्प्रे