जाट आंदोलन में आरक्षण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक पर 500 रुपये का जुर्माना लगा है। हिसार के सीजेएम मनप्रीत सिंह की अदालत ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिसार-दिल्ली मार्ग पर गांव मय्यड़ में रेलवे ट्रैक बाधित करने के जुर्म में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक को 500 रुपये जुर्माना लगाया है। आरपीएफ ने इस बारे में 1 मार्च 2014 को केस दर्ज किया था।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार जाट आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने कई दिन गांव मय्यड़ में रेलवे ट्रैक जाम रखा था। इससे रेलगाड़ियों को आवागमन बाधित हुआ था। रेलवे को इससे काफी नुकसान हुआ था। आरपीएफ ने इस संबंध में रेलवे एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। बाद में इस संबंध में चालान कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने आरोपियों को तलब किया था।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिक और अन्य कोर्ट में केस की तारीख भुगत रहे थे। अदालत दो आरोपियों महेंद्र सिंह और मूलचंद को पहले ही इतना जुर्माना लगा चुकी है। अब कोर्ट ने मलिक को वीरवार को दोषी मानकर 500 रुपये का जुर्माना लगाया। इस मामले में दलजीत सिंह और अन्य पर मुकदमा अब विचाराधीन है। अब इस मुकदमे की अगली सुनवाई 8 जून को होगी।