फरीदाबादके बहुचर्चित सुनपेड़ अग्निकांड मामले में पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले के सभी 11 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया हैं। वहीं एक नाबालिग आरोपी गुरुग्राम की कोर्ट से पहले ही आरोपमुक्त हो चुका है। अब इस मामले में सभी 12 आरोपी आरोपमुक्त हो चुके हैं।
पंचकूला स्थित हरियाणा की विशेष सीबीआई कोर्ट ने सोमवार को यह फैसला सुनाया है। एडवोकेट अभिषेक सिंह राणा ने बताया कि आरोपी बलमत, जगत सिंह, करतार, संजय, अमन, आकाश, धर्म सिंह, दिल सिंह, नौनिहाल, जोगिंद्र और सूरज को आरोप मुक्त किया गया है। सीबीआई की तरफ से 11 आरोपियों के खिलाफ कोई सुबूत पेश नहीं किया जा सका है।
बचाव पक्ष ने दावा किया था कि मामले में नामजद किसी भी व्यक्ति की हत्या में कोई भागीदारी नहीं थी। सभी पर यह मामला आपसी रंजिश की वजह से दर्ज करवाया गया था। नतीजतन 11 आरोपियों की क्लोजर रिपोर्ट में भी सीबीआई ने क्लीन चिट दी थी। बचाव पक्ष के वकील अभिषेक सिंह राणा ने बताया कि सीबीआई कोर्ट द्वारा क्लोजर रिपोर्ट के आधार पर बड़ा फैसला सुनाया गया है। पिछले छह वर्षों में इस मामले में सीबीआई को जांच में इन 12 आरोपियों के खिलाफ कोई साक्ष्य या गवाह नहीं मिला।
यह है मामला
थाना सदर क्षेत्र के सुनपेड़ गांव में 19 अक्तूबर 2015 को दलित परिवार के कमरे की खिड़की से पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई थी। घटना में जितेंद्र सिंह और पत्नी रेखा झुलस गए थे। उनके तीन वर्षीय बेटे वैभव और 10 माह की बेटी दिव्या की मौत हो गई थी। गंभीर घायल रेखा को सफदरजंग अस्पताल में दाखिल कराया गया था।
जितेंद्र ने मामले में गांव के ही 12 लोगों पर केस दर्ज कराया था। पुलिस ने चार लोगों को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था। अन्य आरोपियों को बाद में पकड़ा गया। पीड़ित परिवार की मांग पर प्रदेश सरकार ने केस की जांच सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई ने 29 अक्तूबर को आरोपियों को गिरफ्तार कर केस दर्जकर जांच शुरू की थी। आरोपियों का सीबीआई ने पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया था।