पंजाब में कोविड के बढ़ते संकट की वजह से सोमवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पटवारी भर्ती परीक्षा स्थगित करने का आदेश दिया। इसके अलावा मेडिकल शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि एमबीबीएस/बीडीएस/बीएएमएस के पहले, दूसरे और तीसरे वर्ष और पहले वर्ष के नर्सिंग के विद्यार्थियों की परीक्षाएं ऑनलाइन करवाई जाए।
मुख्यमंत्री ने सभी धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक नेताओं से अपील की है कि वह बड़े जमावड़ों से बचें और लोगों को टीकाकरण करवाने के अलावा कोविड से सुरक्षित रहने के लिए सभी जरूरी प्रोटोकॉल खास तौर पर मास्क पहनने और जमावड़ों में न जाने के लिए प्रेरित करें। पंजाब की फौजी छावनियों के अस्पतालों ने राज्य सरकार को यह यकीन दिलाया है कि वह हरसंभव मदद की करेंगी, जबकि निजी अस्पतालों को कोविड के मरीजों के लिए 75 प्रतिशत बिस्तर आरक्षित रखने के का आदेश दिया गया है।
निजी और सरकारी अस्पतालों में स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कोविड से संबंधित संवेदनशील स्तर की संभाल और मदद मुहैया करवा रहे सभी निजी अस्पतालों में कोविड के लिए एल-3 स्तर की सहूलियतों में 75 प्रतिशत आरक्षण रखा जाए। कोई भी चुनिंदा ऑपरेशन 15 मई तक किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में न किया जाए और सभी ओपीडी मरीजों की जांच करने के अलावा उनको टीकाकरण के लिए भी उत्साहित किया जाए। सरकारी और निजी अस्पतालों में बिस्तरों उपलब्धता की जानकारी 24 घंटे 104 नंबर हेल्पलाइन पर मिलेगी। मेडिकल कॉलेजों में सभी ऑपरेशन फिलहाल टाल दिए गए हैं।
मोहाली में संक्रमण दर सबसे ज्यादा
स्वास्थ्य सचिव हुसन लाल ने कहा कि राज्य की संक्रमण दर 7.8 प्रतिशत पर स्थिर थी लेकिन अप्रैल 15 को यह बढ़कर 12.6 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिसमें मोहाली की दर सबसे अधिक 36.53 प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि यह विस्तार कोविड के नए प्रकार के कारण हो रहा है और पंजाब के बाहर से बड़े समारोहों में हिस्सा लेकर लौट रहे लोग भी इसके पीछे बड़ा कारण हैं। उन्होंने कहा कि यदि लुधियाना, एसएएस नगर (मोहाली), जालंधर, अमृतसर और पटियाला में आपात कदम न उठाए गए तो यह राज्य में 5 मई तक एक दिन में 6000 केस सामने आने का कारण बनेंगे।