हरियाणा में पंचायत चुनाव अगस्त तक टल गए हैं। राज्य में 15 अगस्त के बाद ही पंचायत चुनाव होने की संभावना है। वर्तमान में जो पंचायतें हैं, उनका कार्यकाल 25 जुलाई को पूरा हो जाएगा। नियमों के हिसाब से 25 जुलाई तक चुनाव हो जाने चाहिए, लेकिन वार्डबंदी के काम में देरी के चलते चुनाव समय पर नहीं होंगे।
15 जुलाई तक हरियाणा में मतदाता सूचियों के अंतिम प्रकाशन का काम चलेगा। उसके आगे भी कुछ समय लग सकता है। लिहाजा 19 से 20 जुलाई तक पंचायतों के चुनाव की घोषणा हो सकती है। जबकि नगर निकायों केचुनाव सितंबर में होेने की उम्मीद है। निकाय चुनाव के मतदाता सूचियों का काम 10 अगस्त तक पूरा होगा।
सूत्रों के मुताबिक पंचायती राज एक्ट के अनुसार आम चुनाव में देरी नहीं हो सकती। अगर किसी तरह की इमरजेंसी भी है तो अधिकतम पंद्रह दिन की देरी कर सकते हैं, लेकिन इससे पहले पंचायतों पर प्रशासक नियुक्त करने होंगे। पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल पांच वर्ष के लिए होता है।
पूर्व सरकार के समय में छह और 10 जून, 2010 को दो चरणों में पंचायत के चुनाव हुए थे। 25 जुलाई को कुरुक्षेत्र में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रतिनिधियों को शपथ दिलाई थी। पंचायत चुनाव में 33 फीसदी सीटें महिला प्रत्याशियों के लिए आरक्षित हैं।
जिलों में जिला परिषद अध्यक्ष के लिए रिजर्व होने वाली सीटों का निर्णय ड्रा के जरिए होगा। रिजर्व महिला वार्ड का फैसला भी ड्रा से होगा।
राजीव शर्मा, राज्य चुनाव आयुक्त हरियाणा ने बताया कि मतदाता सूचियों का काम तेजी से चल रहा है। 15 जुलाई तक यह काम पूरा हो जाएगा। उम्मीद है कि 15 जुलाई तक सभी जिले कवर हो जाएंगे। नगर निकाय की वोटर लिस्ट का काम भी 10 अगस्त तक पूरा होने की उम्मीद है।