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पंचायतें भंग करने का मामला: सीएमओ के अफसर से वापस लिया महकमा, पत्र लीक पर बिठाई जांच

Wed, 06 Sep 2023 12:05 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

राज्य सरकार ने ग्राम पंचायतें भंग करने के फैसले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती मिलने के बाद वापस ले लिया था। इस तरह हुई किरकिरी के लिए सरकार ने ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी डीके तिवारी और निदेशक गुरप्रीत सिंह खैरा को निलंबित कर दिया था।
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पंजाब सचिवालय। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब में पंचायतें भंग किए जाने के मामले में एक और आईएएस अफसर पर गाज गिरी है। सरकार की ओर से दो अफसरों को निलंबित करने के बाद अब मुख्यमंत्री कार्यालय में पंचायत विभाग का काम देख रहे आईएएस अधिकारी कुमार अमित से यह विभाग वापस ले लिया है। कहा गया है कि सीएमओ के इस अधिकारी ने निलंबित किए गए उक्त दो अधिकारियों की ओर से भेजी गई नोटिंग का गंभीरता से आकलन नहीं किया और मुख्यमंत्री के पास मंजूरी के लिए भेज दिया।

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वहीं, मुख्यमंत्री ने पंचायतें भंग करने संबंधी आदेश के पत्र की प्रति लीक होने के मामले में मुख्य सचिव को जांच का आदेश दिया है। उन्हें जल्द जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। आदेश के पत्र की प्रति वायरल होने के बाद विपक्ष ने दोनों निलंबित अधिकारियों का बचाव करते हुए पंचायत मंत्री और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग शुरू कर दी थी।

सरकार ने वापस ले लिया था आदेश  

राज्य सरकार ने ग्राम पंचायतें भंग करने के फैसले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती मिलने के बाद वापस ले लिया था। इस तरह हुई किरकिरी के लिए सरकार ने ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी डीके तिवारी और निदेशक गुरप्रीत सिंह खैरा को निलंबित कर दिया था। अब इस मामले में सीएमओ के उस अधिकारी से काम वापस लिया गया है।

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