जानकारी के मुताबिक माझा इलाके के गुरदासपुर से तरनतारन व अमृतसर की दरोका व रानियां इलाके तक आईएसआई ने सात ड्रोन ऑपरेटिंग सेंटर बना रखे हैं। गांव चाहरपुर के सीमावर्ती इलाके में पाकिस्तान ने ड्रोन ऑपरेटिंग का छोटा सेंटर तैयार किया है। राम डोगर, रमदास गांवों के उधर सीमा पार भी ड्रोन सेंटर हैं।
मालवा के सीमावर्ती इलाके में पांच सेंटर हैं। इनमें से तीन अधिक सक्रिय हैं। दोना मत्तड़ सीमावर्ती इलाके के पास बना सेंटर अधिक सक्रिय है। फिरोजपुर की सीमा से सटे गांव गंडू से कुछ दूरी पर आईएसआई का संचालित सेंटर है। जहां पर न केवल ड्रोन को उड़ाने का परीक्षण दिया जा रहा है, वहीं इसके जरिए 10 से 20 किलो वजन का हथियार व सामान कैसे भेजना है, इसके बारे में बताया जा रहा है। इसके अलावा बीएसएफ के जवानों को भ्रमित करने के लिए फेक ड्रोन भी भेजे जा रहे हैं।
पाकिस्तान की सीमा से सटे 553 किलोमीटर इलाके पर केंद्रीय सीमा सुरक्षा बल के अलावा पंजाब पुलिस भी पूरी तरह से चौकस है। पुलिस लगातार विस्फोटक व हेरोइन की खेप बरामद कर रही है। पुलिस की सतर्कता को बढ़ा दिया गया है। - गौरव यादव, डीजीपी, पंजाब।