छह मीटर की सड़क की शर्त में राहत देने की तैयारी
अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए हरियाणा सरकार ने कानून में संशोधन करते हुए राहत प्रदान की थी। पहले कॉलोनी को वैध करने के लिए 50 प्रतिशत और 75 प्रतिशत प्लॉटों पर निर्माण कार्य होने की शर्त थी लेकिन नए संशोधन के तहत इस शर्त को हटा दिया है। कॉलोनियों को श्रेणीवार बांटा गया, जिनमें 25 प्रतिशत तक निर्मित क्षेत्र वाली कॉलोनियां, 25 से 50 प्रतिशत के बीच, 50 से 75 प्रतिशत के बीच तथा 75 प्रतिशत से अधिक निर्मित क्षेत्र वाली कॉलोनियां शामिल हैं।
कुल प्रस्तावों में कई ऐसी कालोनियां हैं, जो आबाद तो हो गई लेकिन वह नियम पूरे नहीं करती। जैसे नियम है कि कालोनियों में 6 मीटर चौड़ी सड़क होनी चाहिए लेकिन काफी संख्या में ऐसी कालोनी हैं, जो यह शर्त पूरी नहीं करती। प्रदेश सकार इन कालोनियों को भी राहत देकर पक्का करने की योजना बना रही है।
अगस्त माह में सरकार ने तय की छह माह की डेडलाइन
अगस्त माह में विधानसभा के मानसून सत्र में हरियाणा सरकार ने नियमों को पूरा करने वाली अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए छह माह की डेडलाइन तय की थी। फैसले के तहत आगामी तीन माह तक नगर पालिकाएं, परिषद और निगम अपने-अपने क्षेत्र में कॉलोनियों को वैध करने के लिए अपने प्रस्ताव भेजने थे। इसके तीन महीने में सरकार इनको नियमित करना था लेकिन अब आरडब्ल्यूए से प्रस्ताव मांगे जाने से यह मामला फिर से लंबा खिंच सकता है, क्योंकि अधिकतर कालोनियों में आरडब्ल्यूए का गठन नहीं है। सरकार चाहती है कि आरडब्ल्यूए के गठन के बाद उसी की जिम्मेदारी से डेवलपमेंट चार्ज की वसूली की जाए।
हरियाणा सरकार अवैध कॉलोनियों को वैध करने की तैयारी में है। सभी निकाय संस्थाओं को कहा गया है कि 31 दिसंबर तक वह सदन से प्रस्ताव पारित करने के साथ साथ कॉलोनियों में आरडब्ल्यूए के गठन के साथ कॉलोनी का प्रस्ताव भिजवाएं। उन्हीं, कॉलोनियों को वैध किया जाएगा, जिनका प्रस्ताव आरडब्ल्यूए भेजेगी। आवेदन आने के बाद नियमों को पूरा करने वाली कॉलोनियों को वैध किया जाएगा। - डॉ. कमल गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री।