दरअसल 2019-20 से भारत सरकार आढ़तियों को 46 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान कर रहा था, जबकि आढ़तियों को 2.50 प्रतिशत कमीशन के हिसाब से 58 रुपये प्रति क्विंटल बनता है। कमीशन में कटौती की वजह से आढ़ती एक अक्तूबर से हड़ताल पर थे। आढ़तियों की ओर से केवल बासमती उठाया जा रहा था, जबकि धान की अन्य किस्में मंडियों में ही थी। ऐसे में सीएम ने अब आढ़तियों के इस 12 रुपये प्रति क्विंटल कम मिल रहे कमीशन को केंद्र से दिलाने या सरकार की ओर से इसकी भरपाई करने का भरोसा दिया है। बैठक में फेडरेशन ऑफ आढ़ती एसोसिएशन ऑफ पंजाब के अध्यक्ष विजय कालड़ा के नेतृत्व में आढ़तियों का प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहा।
आढ़तियों के ईपीएफ के 50 करोड़ का मुद्दा उठाएगी सरकार
185 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य
राज्य सरकार की ओर से खरीद सीजन के दौरान किसानों की ओर से मंडियों में लाए जाने वाले 185 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि राज्य में इस समय 32 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल धान की खेती के अंतर्गत है और पंजाब का 185 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य है।